वायरल हो रहा पोस्टमार्टम रूम का वीडियो... उठे प्रशासन पर सवाल... कुत्ते नोच रहे थे बॉडी पार्ट

बिहार के एक सदर अस्पताल से एक बेहद शर्मनाक और हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में अस्पताल के पोस्टमार्टम रूम के अंदर दो आवारा कुत्ते इंसानी बिसरा को नोंच-नोंच कर खाते दिखाई दे रहे हैं. हालांकि इस पूरे घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

saharsa sadar hospital shocking viral video
gnttv.com
  • सहरसा,
  • 27 मई 2026,
  • अपडेटेड 6:29 PM IST

बिहार के सहरसा स्थित मॉडर्न सदर अस्पताल से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो में पोस्टमार्टम रूम के अंदर दो कुत्ते इंसानी बिसरा को नोंचते दिखाई दे रहे हैं. यह वही बिसरा बताया जा रहा है जिसे संदिग्ध मौत के मामलों में जांच के लिए सुरक्षित रखा जाता है. घटना सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं.

आखिर क्या होता है बिसरा और क्यों होता है जरूरी?
दरअसल, किसी संदिग्ध मौत के मामले में पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टर शव के कुछ अंगों के नमूने सुरक्षित रखते हैं, जिसे बिसरा कहा जाता है. इन नमूनों को सीलबंद कर फोरेंसिक साइंस लैब भेजा जाता है ताकि मौत के असली कारणों की जांच हो सके. पुलिस अनुसंधान में भी यह बेहद अहम भूमिका निभाता है. ऐसे संवेदनशील नमूनों की सुरक्षा बेहद जरूरी मानी जाती है.

पोस्टमार्टम रूम में कैसे पहुंच गए कुत्ते?
वायरल वीडियो में देखा गया कि पोस्टमार्टम रूम के अंदर रखे बिसरे को कुत्ते खा रहे हैं. इस घटना ने अस्पताल प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. लोगों का कहना है कि अगर इतने महत्वपूर्ण नमूनों की सुरक्षा नहीं हो पा रही, तो जांच प्रक्रिया कितनी सुरक्षित होगी, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है.

सिविल सर्जन ने क्या कहा?
इस पूरे मामले पर सहरसा के सिविल सर्जन राज नारायण प्रसाद ने सफाई देते हुए कहा कि हाल के बिसरे को तुरंत थाना को सौंप दिया जाता है. उनके मुताबिक जो बिसरा वीडियो में दिख रहा है, वह कई साल पुराना बताया जा रहा है. उन्होंने कहा कि अब उस कमरे को बंद कर ताला लगवा दिया गया है और देखरेख करने वाले कर्मचारी योगेश महतो को भी बदला जा रहा है.

सिविल सर्जन ने यह भी कहा कि इस मामले की जांच की जाएगी कि आखिर पुराने बिसरे थाना को क्यों नहीं दिए गए और इसमें किस स्तर पर लापरवाही हुई. हालांकि जब उनसे पूछा गया कि इससे पुलिस जांच प्रभावित हो सकती है, तो उन्होंने इसे पुलिस की जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि बिसरा समय पर ले जाना पुलिस का काम होता है.

जिम्मेदारी किसकी और कार्रवाई कब?
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि पोस्टमार्टम रूम जैसे संवेदनशील स्थान में ऐसी स्थिति आखिर बनी कैसे? इंसानी नमूनों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी और अगर लापरवाही हुई है, तो जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई होगी? फिलहाल वायरल वीडियो ने अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग दोनों को कटघरे में खड़ा कर दिया है.


(रिपोर्ट- धीरज कुमार सिंह)

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