Advertisement

दिल्ली में बारिश का असर खत्म! हवा फिर जहरीली हुई, AQI 310 पर पहुंचा, जानें खुद को कैसे रखे सेफ

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार सुबह दिल्ली के कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब रही. जहांगीरपुरी में सबसे ज्यादा AQI 420 दर्ज किया गया.

Delhi Air Pollution
gnttv.com
  • नई दिल्ली ,
  • 02 नवंबर 2026,
  • अपडेटेड 10:54 AM IST

बारिश के बाद दिल्ली वालों को साफ हवा में सांस लेने की जो थोड़ी राहत मिली थी, वह अब खत्म हो गई है. कुछ दिन पहले तक मौसम में नमी और बारिश के चलते प्रदूषण का स्तर नीचे आया था, लेकिन सोमवार सुबह राजधानी फिर धुंध की चादर में लिपटी नजर आई. हवा की गुणवत्ता एक बार फिर बेहद खराब हो गई है. सुबह 8:05 बजे दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 310 दर्ज किया गया.

सबसे ज्यादा चिंता जहांगीरपुरी की हवा को लेकर है, जहां AQI 420 तक पहुंच गया. यह गंभीर श्रेणी में आता है. दिवाली से पहले प्रदूषण का इस तरह बढ़ना लोगों के लिए परेशानी बढ़ा सकता है.

जहांगीरपुरी में AQI 420, कई इलाकों में 399
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार सुबह दिल्ली के कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब रही. जहांगीरपुरी में सबसे ज्यादा AQI 420 दर्ज किया गया. वहीं ITO में 351, रोहिणी और पंजाबी बाग में 399-399 AQI रहा. अलीपुर में 382, मुंडका में 377 और विवेक विहार में 376 दर्ज किया गया. नरेला में AQI 375, आरके पुरम और सोनिया विहार में 370-370, जबकि बवाना में 365 रहा. इन इलाकों में रहने वाले लोगों को सांस लेने में परेशानी और आंखों में जलन जैसी दिक्कतें हो सकती हैं.

टिकरी कलां की हवा सबसे साफ
दिल्ली के सभी इलाकों में प्रदूषण का स्तर एक जैसा नहीं है. CPCB के 58 मॉनिटरिंग स्टेशनों के आंकड़ों में टिकरी कलां की हवा सबसे बेहतर रही. यहां AQI 160 दर्ज किया गया. घुम्मनहेड़ा में AQI 186 और मैदानगढ़ी में 189 रहा. हालांकि, ये आंकड़े भी अच्छी हवा की श्रेणी में नहीं आते, बल्कि मध्यम प्रदूषण को दिखाते हैं.

एक दिन में 222 से बढ़कर 310 हुआ AQI
रविवार को दिल्ली की हवा खराब श्रेणी में थी. 1 नवंबर सुबह 9 बजे औसत AQI 222 दर्ज किया गया था. सोमवार सुबह यह बढ़कर 310 हो गया. यानी एक दिन में प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ा है. CPCB के मुताबिक, AQI 0 से 50 तक अच्छा, 51 से 100 संतोषजनक और 101 से 200 मध्यम माना जाता है. 201 से 300 खराब, 301 से 400 बेहद खराब और 401 से 500 गंभीर श्रेणी में आता है.

प्रदूषण रोकने के लिए 15 हजार गाड़ियों की जांच
दिल्ली में 1 नवंबर से सर्दियों के प्रदूषण को रोकने के लिए नए प्रतिबंध लागू किए गए हैं. ये पाबंदियां अलग-अलग अवधि में 28 फरवरी तक जारी रहेंगी. इनका मकसद गाड़ियों से निकलने वाले धुएं, निर्माण कार्यों की धूल और ट्रैफिक से होने वाले प्रदूषण को कम करना है. पहले ही दिन करीब 15 हजार गाड़ियों की जांच की गई. नियमों का उल्लंघन करने पर 1,539 गाड़ियों को बॉर्डर से वापस भेजा गया और प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) से जुड़े 566 चालान काटे गए.

दिल्ली में लागू है GRAP 1
रविवार शाम 5 बजे तक कुल 68.4 लाख रुपए का जुर्माना और पर्यावरण मुआवजा लगाया गया. इसमें PUCC नियम तोड़ने पर 56.6 लाख रुपए, बॉर्डर पर प्रतिबंधों के उल्लंघन पर 2 लाख रुपए और निर्माण व तोड़फोड़ से जुड़े नियमों के उल्लंघन पर 9.8 लाख रुपए शामिल हैं. दिल्ली-NCR में प्रदूषण बढ़ने के कारण 21 अक्टूबर को ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के पहले चरण के प्रतिबंध लागू किए गए थे. इसके तहत धूल और प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई गई है.

खुद को कैसे रखें सेफ
सुबह की सैर से बचें: जब प्रदूषण ज्यादा हो, तब सुबह और देर शाम बाहर टहलने या दौड़ने न जाएं. घर के अंदर ही हल्की एक्सरसाइज करें.

N95 मास्क पहनें: जरूरी काम से बाहर निकलना पड़े तो अच्छी फिटिंग वाला N95 मास्क लगाएं. सामान्य कपड़े का मास्क प्रदूषण के महीन कणों से पर्याप्त सुरक्षा नहीं देता.

खिड़की-दरवाजे बंद रखें: बाहर प्रदूषण ज्यादा होने पर घर की खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें. हवा की गुणवत्ता बेहतर होने पर ही घर में ताजी हवा आने दें.

लक्षणों को नजरअंदाज न करें: लगातार खांसी, सांस लेने में परेशानी, सीने में जकड़न या घरघराहट होने पर डॉक्टर से संपर्क करें. सांस लेने में गंभीर परेशानी हो तो तुरंत मेडिकल मदद लें.

ये भी पढ़ें:

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement