अहमदाबाद के गुजरात यूनिवर्सिटी के पास स्थित सरकारी समरस गर्ल्स हॉस्टल में छात्राओं को खासी परेशानी का सामना कर पड़ रहा है. दरअसल यहां जो खाना परोसा जा रहा है उसमें कीड़े और पानी के छिपकली होने का चौंकाने वाला दावा किया गया है. जिसके बाद फोटो वायरल होने पर ABVP के कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर छात्राओं ने जमकर हंगामा करते हुए धरना प्रदर्शन किया और जिमेदार एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने की मांग की.
पहले केवल नोटिस देकर किया था माफ
समरस हॉस्टल की बात करें तो यह सरकारी हॉस्टल है, जहां करीब 750 से अधिक छात्राएं रहती है. जिनके खाने की व्यवस्था करने की जिमेदारी प्रमुख भोजन एजेंसी को सौंपी गई है. लेकिन इससे पहले भी खाने में कीड़े निकलने की छात्राओं की शिकायत पर वार्डन द्वारा मात्र एजेंसी को नोटिस देकर कार्यवाही समाप्त कर दी जाती थी.
इस बार जब पानी में छिपकली और खाने में से कीड़े (कनखजूरा) निकले तो छात्राओं में आक्रोश देखते ही बनता था. इस बार छात्राओं ने फोटो लिया, जिसे वायरल किया और वार्डन पर लापरवाह एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाही करने के लिए धरना प्रदर्शन किया.
लगा ₹25000 का फाइन, लिए गए सैंपल भी
ABVP द्वारा छात्राओं को अच्छा भोजन देने में असफल एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने की मांग की,तो वही AMC के फ़ूड विभाग की तरफ से समरस हॉस्टल में चेकिंग की गई. जिसके बाद 25,000 रुपए का दंड करके विभिन्न सैंपल कलेक्ट किए गए है.
खाने में कीड़े के फोटो नहीं लेने देते - छात्राएं
सरकारी समरस हॉस्टल की छात्राओं ने कहा, इससे पहले तीन बार खाने में से कीड़े मिलने की शिकायत के बावजूद हमारी बात नहीं सुनी गई. हमेशा एजेंसी को मात्र नोटिस देकर कार्रवाही खत्म कर दी जाती है. जब भी खाने में कीड़े निकलते हैं, तो हमे फोटो तक नहीं लेने दिए जाते.
मेनू को लेकर हमने कई बार शिकायत की पर कोई सुनवाई नहीं हो रही. इस बार जब खाने में कीड़े निकले और पानी में छिपकली देखी गई तो फोटो खींच लिए. जिसकी वजह से हकीकत अब सामने आ रही है. हमारी मांग अब यही है की मात्र नोटिस नहीं, वार्डन और एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. इस तरह से हमारे स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो, ये ठीक नहीं है.
क्या कहना है हॉस्टल का?
समरस हॉस्टल के समाज कल्याण अधिकारी ने कहा, ऐसी किसी भी घटना में हम एजेंसी को नोटिस देकर उन्हें अवगत किया करते हैं. एजेंसी को नोटिस देकर ध्यान रखने को कहा गया है. छात्राओं की सुरक्षा हमारे लिए महत्वपूर्ण है. जिमेदार एजेंसी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करेंगे.