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एशिया की पहली लोको पायलट बनीं सुरेखा यादव, वंदे भारत एक्सप्रेस को पटरी पर दौड़ाया

सुरेखा यादव वंदे भारत ट्रेन को चलाने वाली पहली महिला बनी हैं. महाराष्ट्र के सतारा की रहने वाली सुरेखा यादव ने  साल 1986 में रेलवे की परीक्षा दी थी और परीक्षा पास भी की थी.

सुरेखा यादव
पारस दामा
  • मुंबई,
  • 13 मार्च 2023,
  • अपडेटेड 11:19 PM IST
  • सुरेखा यादव वंदे भारत ट्रेन को चलाने वाली पहली महिला बनी हैं.
  • आज एशिया की पहली महिला लोको पायलट सुरेखा यादव ने वंदे भारत एक्सप्रेस को सोलापुर से सीएसएमटी तक चलाया.

पिछले साल से अब तक देश को 10 नई आधुनिक ट्रेन्स का तोहफा दिया गया है. मेक इन इंडिया के तहत बनाई गई वंदे भारत ट्रेन देश से अलग-अलग राज्यों में शुरू की गई है और लोगों की पसंद भी बनी है. ऐसे में महाराष्ट्र के लोगों को भी 2 वंदे भारत ट्रेनों का तोहफा कुछ समय पहले दिया गया था, शिरडी और सोलापुर के लिए वंदे भारत ट्रेन चालू की गई है. आज एशिया की पहली महिला लोको पायलट सुरेखा यादव ने वंदे भारत एक्सप्रेस को सोलापुर से सीएसएमटी तक चलाया.

सुरेखा यादव वंदे भारत ट्रेन को चलाने वाली पहली महिला बनी हैं. महाराष्ट्र के सतारा की रहने वाली सुरेखा यादव ने  साल 1986 में रेलवे की परीक्षा दी थी और परीक्षा पास भी की थी. इसके बाद उन्हें भारतीय रेलवे बोर्ड द्वारा साक्षात्कार के लिए बुलाया. सुरेखा ने इंटरव्यू भी पास कर लिया जिसके बाद वह ट्रेनी असिस्टेंट ड्राइवर के तौर पर कल्याण ट्रेनिंग स्कूल भेजी गईं.

मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनल के प्लेटफॉर्म नंबर 8 पर सुरेखा यादव को सम्मानित किया गया और उनको वंदे भारत ट्रेन का जिम्मा सौंपा गया. वहीं सुरेखा का कहना है, वह खुश हैं कि उनको वंदे भारत चलाने का अवसर मिला और यह ट्रेन समय पर सोलापुर से चली और समय से 5 मिनट पहले सीएसएमटी पहुंच गई.
 

 

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