दुबई से इजरायल जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में बुधवार को ऐसी घटना विश्व ने देखी, जिसने साहस और समझ की अलग मिसाल पैस की है. दरअसल 30,000ft पर उड़ रहे विमान में सवार करीब 180 लोगों की जान खतरे में थी. हुआ यूं कि फ्लाइट के कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित मछार पर उनके ही को-पायलट द्वारा चाकू से हमला कर दिया गया. हालांकि हिम्मत किसी की मोहताज नहीं होती. खून से लथपथ होने के बावजूद मछार ने अपने फर्ज को याद रखा. उन्होंने आखिरकार बड़ी जद्दोजहद के बाद कॉकपिट खोलने वाला बटन दबा दिया, जिसके बाद पैसेंजर और क्रू अंदर पहुंच पाए और हमलावर पायलट को काबू में कर लिया. जब स्मित मछार को चाकू मारा गया, उस वक्त प्लेन 30,000ft से सीधे 16,000ft की ऊंचाई पर पहुंच गई.
प्लेन क्रेश करवाने का था इरादा
इस हमले को 9/11 से जोड़ कर देखा जा रहा है. अगर मछार की सूझबूझ से ये घटना नहीं टलती तो मंजर कुछ और ही होता. मछार के साथी पायलट का इरादा प्लेन को क्रेश करवाने का था. लेकिन ऐसा हो नहीं पाया. जैसे ही स्मित मछार ने कॉकपिट खोलने वाला बटन दबाया, वैसे ही दरवाजा खुलने के बाद यात्रियों और क्रू ने स्थिति संभालने की कोशिश की. उस समय प्लेन करीब 16 हजार फीट नीचे जा चुका था. यात्रियों और क्रू ने पहले हमलावर को काबू में किया फिर विमान का कंट्रोल वापस लेने की कोशिश शुरू हुई. इसके बाद ऑफ-ड्यूटी दो पायलटों ने प्लेन को संभाला और उसे सऊदी अरब के एक छोटे एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंड करवाया.
प्लंबर यानिव ने संभाला प्लेन का कंट्रोल
प्लेन को बचाने वाले हीरो में यानिव हायुन भी शामिल थे. इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, यानिव पेशे से एक प्लंबर हैं. उन्होंने बताया कि जब वे कॉकपिट में पहुंचे तो भारतीय पायलट खून में डूबे थे. उनके सफेद शर्ट पर धब्बे जम चुके थे. वहीं संदिग्ध हमलावर दोनों सीटों के बीच कंट्रोल के पास था. हमलावर का इरादा प्लेन को नष्ट करना था और वह उसी काम में लगा था. जैसे ही यानिव वहां पहुंचे, उन्होंने उसे पकड़कर बाहर खींचा और फिर प्लेन की दिशा ठीक करने की खुद कोशिश करने लगे. सूझबूझ दिखाते हुए यानिव ने विमान को सीधा करने के लिए सबसे पहले योक यानी कंट्रोल हैंडल पीछे की ओर खींचा. उन्होंने बताया कि उन्हें इसकी जानकारी टीवी पर आने वाले 'मेडे' शो से मिली थी.
कौन हैं कैप्टन स्मित मछार?
स्मित मछार मुंबई में रहने वाले और गुजरात से जुड़े भारतीय नागरिक हैं. हमले के बाद उन्हें सऊदी अरब के उत्तर-पश्चिमी शहर तबुक के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां विमान की सुरक्षित लैंडिंग हुई थी. फ्लाइट में डेंटिस्ट डॉ. शोता मुसाएव भी मौजूद थे. हमलावर को काबू करने में मदद करने के बाद उन्होंने घायल कैप्टन की तरफ ध्यान दिया. रिपोर्ट के अनुसार, वह विमान में मौजूद एकमात्र डॉक्टर थे. डॉ. शोता ने बताया कि कैप्टन के सिर और हाथों पर गहरे घाव थे और काफी खून बह रहा था. उन्होंने खून बहना रोकने की कोशिश की और लैंडिंग से कुछ समय पहले तक कैप्टन की हालत स्थिर रही, हालांकि बाद में उनकी स्थिति थोड़ी बिगड़ गई. इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी स्मित को उन लोगों में शामिल बताया जिन्होंने आतंकी प्लान को रद करने में बड़ी भूमिका निभाई है.
असाफ और ज्विका ने भी संभाली कमान
असाफ राजुआन और ज्विका मेनस भी इसी फ्लाइट में सवार थे. असाफ के मुताबिक, उन्हें बाथरूम के पास चीखें सुनाई दीं और प्लेन तेजी से नीचे जाने लगा. कॉकपिट का दरवाजा खुला था और वहां खून दिखाई दे रहा था. उनके मुताबिक वह मंजर किसी हॉरर फिल्म जैसा था. दोनों ने अन्य यात्रियों और क्रू सदस्यों के साथ मिलकर हमलावर को काबू पाने में मदद की. ज्विका मेनस ने बताया कि विमान तेजी से जमीन की तरफ जा रहा था और यात्रियों में चीख-पुकार मची थी. बाद में यात्रियों और क्रू की मदद से हमलावर को काबू किया गया और विमान को सऊदी अरब में उतारा गया. घायल सह-पायलट का अभी सऊदी अरब में इलाज चल रहा है.
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