बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी सोमवार को अचानक अपने पुराने विद्यालय पहुंच गए. गोपालगंज जिले के सिधवलिया प्रखंड स्थित डुमरिया मध्य विद्यालय में शिक्षा मंत्री ने औचक निरीक्षण किया. खास बात यह रही कि यह वही स्कूल है, जहां उन्होंने बचपन में बैठकर पढ़ाई की थी. अपने पुराने विद्यालय पहुंचकर मंत्री ने न केवल स्कूल की शैक्षणिक व्यवस्था का जायजा लिया, बल्कि विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने और विद्यालय के विकास को लेकर अधिकारियों को जरूरी निर्देश भी दिए.
अपने पुराने विद्यालय पहुंचकर लिया जायजा
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के विद्यालय पहुंचने से स्कूल परिसर में हलचल देखने को मिली. बचपन में जिस विद्यालय में उन्होंने शिक्षा ग्रहण की थी, वहां पहुंचकर उन्होंने मौजूदा व्यवस्थाओं की जानकारी ली. इस दौरान उन्होंने स्कूल में पढ़ाई के माहौल और विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं पर ध्यान दिया. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को विद्यालय की आवश्यकताओं के अनुसार सुधार करने के निर्देश दिए, ताकि बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण मिल सके.
विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने पर दिया जोर
निरीक्षण के दौरान शिक्षा मंत्री ने विद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने पर विशेष जोर दिया. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि अधिक से अधिक बच्चों को स्कूल से जोड़ा जाए. इसके साथ ही विद्यालय में जरूरी शैक्षणिक संसाधनों और बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी ध्यान देने को कहा गया.
सरकार का उद्देश्य है कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी अच्छी शिक्षा और बेहतर सुविधाएं मिलें. इसके लिए सरकारी विद्यालयों की व्यवस्था को मजबूत बनाना जरूरी है, ताकि अभिभावकों का भरोसा सरकारी स्कूलों पर बढ़ सके.
सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सरकार की प्राथमिकता
अपने पुराने विद्यालय के निरीक्षण के दौरान मिथिलेश तिवारी ने सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की प्रतिबद्धता दोहराई. सरकारी विद्यालयों में बेहतर पढ़ाई, आवश्यक सुविधाएं और विद्यार्थियों की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है.