4 साल, 1.27cr बेडरोल आइटम और ₹104 करोड़... चादर, तौलिया और तकिया चोरी करने वालों ने बढ़ाई रेलवे की टेंशन, RTI रिपोर्ट ने खोली पोल

Railway News: रेलवे यात्रियों को सफर आरामदायक बनाने के लिए चादर, कंबल और तौलिया जैसी सुविधाएं देता है. लेकिन कुछ लोग इन्हें मुफ्त का सामान समझकर घर ले जाते हैं. नतीजा यह है कि पिछले चार साल में रेलवे के AC कोचों से 1.27 करोड़ से ज्यादा बेडरोल आइटम गायब हो गए और नुकसान 104 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया.

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रिदम जैन
  • जयपुर ,
  • 14 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 11:10 AM IST

'सिर्फ एक तौलिया ही तो लिया था...' यही सोच भारतीय रेलवे पर हर साल करोड़ों रुपये का बोझ डाल रही है. जी हां, RTI से सामने आए आंकड़ों के मुताबिक जनवरी 2022 से मई 2026 के बीच AC कोचों से 1.27 करोड़ से ज्यादा चादर, तौलिया, कंबल और तकिए गायब हो गए. जहां, रेलवे यात्रियों को सफर आरामदायक बनाने के लिए चादर, कंबल और तौलिया जैसी सुविधाएं देता है. वहीं कुछ लोग इन्हें मुफ्त का सामान समझकर घर ले जाते हैं. नतीजा यह है कि पिछले चार साल में रेलवे के AC कोचों से 1.27 करोड़ से ज्यादा बेडरोल आइटम गायब हो गए और नुकसान 104 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया. चलिए आपको डिटेल में बताते हैं पूरी खबर क्या है.

RTI के अनुसार जनवरी 2022 से मई 2026 के बीच भारतीय रेलवे के AC कोचों से 1.27 करोड़ से ज्यादा बेडरोल आइटम चोरी हो गए. इनमें बेडशीट, तौलिए, कंबल, तकिए और पिलो कवर शामिल हैं. इस वजह से बेडरोल ठेकेदारों को 104.51 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. कई मामलों में इसकी भरपाई कोच अटेंडेंट्स की तनख्वाह से भी की जाती है.

हर 1000 यात्रियों में एक ले जाता है सामान
भारतीय रेलवे के AC कोचों में हर रात करीब 8 लाख यात्री सफर करते हैं. हर यात्री को दो बेडशीट, एक कंबल, एक तकिया, एक पिलो कवर और एक फेस टॉवल दिया जाता है. आंकड़ों के मुताबिक औसतन हर 1000 AC यात्रियों में से एक यात्री कम से कम एक लिनन आइटम अपने साथ ले जाता है. साल 2022 की तुलना में 2025 तक ऐसी घटनाओं में 56 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

सबसे ज्यादा चोरी हुए फेस टॉवल
चार साल के दौरान सबसे ज्यादा 46.54 लाख फेस टॉवल गायब हुए. इसके अलावा 41.13 लाख बेडशीट, 23.59 लाख पिलो कवर, 12.95 लाख कंबल और 2.76 लाख तकिए भी चोरी हुए.

इन रेलवे मंडलों में सबसे ज्यादा नुकसान
रेलवे मंडलों में सबसे ज्यादा चोरी बीकानेर मंडल में दर्ज की गई, जहां 25.76 लाख लिनेन आइटम गायब हुए. इसके बाद रांची, दिल्ली, मुंबई, जोधपुर, अहमदाबाद और दानापुर का स्थान रहा. वहीं दिल्ली, अहमदाबाद और समस्तीपुर मंडलों में चोरी की घटनाओं में कमी आई है. खास बात यह है कि तिरुचिरापल्ली और पलक्कड़ मंडलों में एक भी चोरी का मामला दर्ज नहीं हुआ.

यात्रियों ने जागरूकता बढ़ाने की दी सलाह
जयपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों ने इस तरह की घटनाओं को गैर-जिम्मेदाराना बताया. उनका कहना है कि रेलवे यह सुविधा केवल यात्रा के दौरान इस्तेमाल के लिए देता है. इसलिए यात्रियों को इसे अपने साथ नहीं ले जाना चाहिए. लोगों ने सुझाव दिया कि AC कोचों में यात्रा के दौरान सार्वजनिक घोषणा या स्टाफ के माध्यम से यह जानकारी दी जाए कि बेडरोल साथ ले जाना चोरी की श्रेणी में आता है.

वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिर्फ चोरी का नहीं, बल्कि नागरिक जिम्मेदारी का भी मामला है. रेलवे यात्रियों की सुविधा पर करोड़ों रुपये खर्च करता है. यदि यात्री इन सुविधाओं का दुरुपयोग करेंगे, तो इसका नुकसान आखिरकार सार्वजनिक धन को ही होगा. इसलिए हर यात्री की जिम्मेदारी है कि यात्रा पूरी होने के बाद बेडरोल को वहीं छोड़कर जाए, ताकि अगला यात्री भी उसी सुविधा का लाभ उठा सके.

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