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Gorakhpur Vande Bharat: गुड न्यूज... अब इस रूट पर 22 कोच के साथ दौड़ेगी वंदे भारत एक्सप्रेस, 400 से ज्यादा यात्रियों को मिलेगा फायदा

गोरखपुर-प्रयागराज वंदे भारत एक्सप्रेस जल्द ही 22 कोच के साथ दौड़ेगी. रेलवे बोर्ड ने इसकी मंजूरी दे दी है. 6 नए कोच जुड़ने से करीब 400 अतिरिक्त यात्री सफर कर सकेंगे.

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गोरखपुर से प्रयागराज तक सफर करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है. बढ़ती डिमांड को देखते हुए गोरखपुर-प्रयागराज वंदे भारत एक्सप्रेस में अब 22 कोच लगाए जाएंगे. रेलवे बोर्ड ने इसके लिए मंजूरी दे दी है. नया रेक महीने के आखिरी सप्ताह तक गोरखपुर पहुंचने की उम्मीद है. कोच बढ़ने के बाद करीब 400 अतिरिक्त यात्री एक साथ सफर कर सकेंगे.

रेलवे बोर्ड से मिली मंजूरी
रेलवे बोर्ड ने गोरखपुर-प्रयागराज वंदे भारत एक्सप्रेस में 22 कोच लगाने की मंजूरी दे दी है. प्रयागराज तक ट्रेन का विस्तार होने के बाद यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही थी. इसी को देखते हुए ट्रेन की क्षमता बढ़ाने का फैसला लिया गया है. नया रेक इसी महीने के अंतिम सप्ताह तक गोरखपुर पहुंच सकता है.

6 नए कोच बढ़ने से बढ़ेगी यात्रियों की सुविधा
फिलहाल इस वंदे भारत एक्सप्रेस में 16 कोच हैं, लेकिन अब इसमें 6 और कोच जोड़े जाएंगे. इसके बाद ट्रेन 22 कोच के साथ चलेगी. कोच बढ़ने से करीब 400 अतिरिक्त यात्रियों को सीट मिल सकेगी और वेटिंग की समस्या में भी काफी राहत मिलने की उम्मीद है.

नई रेक में ऐसा होगा कोच का सेटअप
22 कोच वाली नई वंदे भारत में कुल 4 एग्जीक्यूटिव चेयर कार और 18 एसी चेयर कार कोच होंगे. अभी ट्रेन में 2 एग्जीक्यूटिव चेयर कार और 12 एसी चेयर कार कोच हैं. यानी यात्रियों के लिए बैठने की क्षमता पहले से काफी ज्यादा हो जाएगी.

ऐसे बढ़ता गया वंदे भारत का सफर
गोरखपुर से पहली वंदे भारत एक्सप्रेस को 7 जुलाई 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था. उस समय यह ट्रेन 8 कोच के साथ चलती थी. इसके बाद मार्च 2024 में इसका विस्तार प्रयागराज तक कर दिया गया. फिर 2025 में कोचों की संख्या बढ़ाकर 16 कर दी गई और अब इसे 22 कोच के साथ चलाने की तैयारी पूरी हो चुकी है.

गोरखपुर से 7 वंदे भारत चलाने की तैयारी
रेलवे की योजना गोरखपुर को हाई-स्पीड ट्रेन नेटवर्क से और मजबूत करने की है. गोरखपुर से दिल्ली और आगरा के बीच प्रस्तावित स्लीपर वंदे भारत के अलावा वाराणसी तक कुल 7 वंदे भारत ट्रेनों के संचालन की तैयारी चल रही है. इससे पूर्वांचल के यात्रियों को तेज, आरामदायक और आधुनिक रेल यात्रा की बेहतर सुविधा मिलेगी.

यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेलवे लगातार वंदे भारत ट्रेनों के नेटवर्क में बढ़ोतरी कर रहा है. साल 2026 तक देशभर में करीब 80 से ज्यादा रूटों पर वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन,16 रेलवे जोन पर किया जा रहा है. इन ट्रेनों ने कई बड़े शहरों के बीच यात्रा का समय कम किया है और यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं भी दे रहा है.

2026 में स्लीपर वंदे भारत ट्रेनों का भी है प्लान
रेलवे ने लंबी दूरी की यात्रा को यात्रियों के लिए और आरामदायक बनाने के लिए 2026 में 12 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों को चरणबद्ध तरीके से शुरू करने की योजना बनाई है. इन ट्रेनों में एसी फर्स्ट, एसी-2 टियर और एसी-3 टियर जैसी सुविधाएं मिलेंगी.

इन रूट पर चल सकती है स्लीपर वंदे भारत
रेलवे जिन प्रमुख रूटों पर स्लीपर वंदे भारत चलाने की तैयारी कर रहा है, उनमें शामिल हैं-

हावड़ा - कामाख्या (पहला शुरू हो चुका है)
दिल्ली - श्रीनगर
दिल्ली - मुंबई
दिल्ली - हावड़ा
दिल्ली - पटना
दिल्ली - गुवाहाटी
चेन्नई - बेंगलुरु - मैसूर
चेन्नई - तिरुवनंतपुरम
मुंबई - अहमदाबाद
मुंबई - नागपुर
हैदराबाद - बेंगलुरु
दिल्ली - गोरखपुर (प्रस्तावित रूटों में शामिल है)

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