थ्री-व्हीलर प्राप्त करता कर्मचारी
थ्री-व्हीलर प्राप्त करता कर्मचारी
उत्तर मध्य रेलवे, झांसी मंडल ने कर्मचारी कल्याण के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए पहली बार 56 लोकोमोटर दिव्यांग रेल कर्मचारियों को थ्री-व्हीलर स्कूटी दिए. स्टाफ बेनिफिट फंड के अंतर्गत आयोजित इस विशेष योजना का उद्देश्य दिव्यांग कर्मचारियों को आत्मनिर्भर बनाना है. उनके दैनिक आवागमन को सरल और सुरक्षित करना तथा उन्हें बेहतर कार्य वातावरण मुहैया कराना है.
झांसी स्थित सीनियर रेल संस्थान में आयोजित गरिमामय समारोह में मंडल रेल प्रबंधक ,डीआरएम, अनिरुद्ध कुमार ने लाभार्थी कर्मचारियों को थ्री-व्हीलर स्कूटी की चाबियां सौंपीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं. झांसी मंडल के इतिहास में यह अपनी तरह का पहला आयोजन रहा, जिसे कर्मचारियों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है.
समारोह को संबोधित करते हुए डीआरएम अनिरुद्ध कुमार ने कहा कि भारतीय रेल हमेशा अपने कर्मचारियों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है. दिव्यांग कर्मचारियों को थ्री-व्हीलर स्कूटी उपलब्ध कराना केवल एक सुविधा देना नहीं है, बल्कि उनके आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और कार्यक्षमता को मजबूत करने का प्रयास है. उन्होंने कहा कि जब कर्मचारी सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से अपने कार्यस्थल तक पहुंचेंगे तो उनकी कार्यक्षमता भी बढ़ेगी और जीवन की गुणवत्ता में सकारात्मक बदलाव आएगा. उन्होंने सभी लाभार्थियों से सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की अपील भी की.
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि कर्मचारियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी स्कूटियों में ARAI अनुमोदित रेट्रोफिटेड किट लगाई गई है. इसके साथ ही प्रत्येक वाहन का आरटीओ पंजीकरण और बीमा भी कराया गया है, ताकि भविष्य में कर्मचारियों को किसी प्रकार की कानूनी या तकनीकी परेशानी का सामना न करना पड़े. यह व्यवस्था योजना को और अधिक सुरक्षित एवं उपयोगी बनाती है.
रेलवे प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी कर्मचारी हित सर्वोपरि रहेगा और स्टाफ बेनिफिट फंड के माध्यम से ऐसी जनकल्याणकारी योजनाओं का विस्तार किया जाएगा. दिव्यांग कर्मचारियों को थ्री-व्हीलर स्कूटी उपलब्ध कराने की यह पहल न केवल उनके जीवन को आसान बनाएगी, बल्कि यह संदेश भी देगी कि भारतीय रेल अपने प्रत्येक कर्मचारी के सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है. यह पहल झांसी मंडल के लिए कर्मचारी कल्याण के क्षेत्र में एक नई पहचान और प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है.