देश में गैस की कमी को देखते हुए गैस की कालाबाजारी करने वालों का धंधा भी तेज हो गया है. ऐसे लोगों पर प्रशासन की नजर टेढ़ी हो गई है. कानपुर में जिलाधिकारी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एक विशेष टीम गठित की है. टीम ने कार्रवाई करते हुए दो स्थानों पर छापेमारी की और वहां से 49 गैस सिलेंडर के साथ गैस रिफिलिंग और रिपेयरिंग से जुड़े कई उपकरण बरामद किए. जिलाधिकारी ने आरोपियों के खिलाफ धारा 3/7 के तहत रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं.
डीएम के निर्देश पर हुई कार्रवाई
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के निर्देशन में जनपद में गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और अवैध रिफिलिंग के खिलाफ बुधवार को सख्त कार्रवाई की गई. दो अलग-अलग स्थानों पर की गई छापेमारी में कुल 49 एलपीजी सिलेंडर, रिफिलिंग उपकरण और एक इलेक्ट्रॉनिक कांटा बरामद किया गया. दोनों मामलों में आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है.
ग्वालटोली क्षेत्र में 46 सिलेंडर बरामद
कार्रवाई के दौरान बुधवार शाम ग्वालटोली क्षेत्र में इकबाल पुत्र सिद्दीकी के घर पर छापेमारी की गई. यहां से घरेलू और कमर्शियल श्रेणी के कुल 46 गैस सिलेंडर बरामद किए गए. इसके अलावा छह रिफिलर और एक इलेक्ट्रॉनिक कांटा भी मिला.
जांच के दौरान गैस सिलेंडरों की अवैध रिफिलिंग किए जाने की पुष्टि हुई. इसके बाद आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई.
दूसरी कार्रवाई में तीन सिलेंडर और उपकरण मिले
इसी क्रम में खाद्य क्षेत्र के अंतर्गत मोहल्ला फेफूफंगंज, पानी टंकी के पास इमरान नाम के व्यक्ति की दुकान की भी जांच की गई. यहां से तीन एलपीजी सिलेंडर (दो खाली और एक भरा), रिफिलिंग उपकरण और नोजल बरामद हुए. इस मामले में भी आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत कार्रवाई की जा रही है.
गैस शिकायतों के लिए कंट्रोल रूम स्थापित
जिलापूर्ति अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि गैस आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए 11 मार्च को कार्यालय में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है.
कंट्रोल रूम की लैंडलाइन और व्हाट्सएप के माध्यम से कुल 101 शिकायतें प्राप्त हुई हैं. इनमें से 14 शिकायतों का उसी दिन निस्तारण कर दिया गया, जबकि बाकी शिकायतों का नियमानुसार समाधान कराया जा रहा है.
क्षेत्र में लगातार निगरानी के निर्देश
डीएसओ ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर जनपद के 9 क्षेत्रीय खाद्य अधिकारियों और 18 पूर्ति निरीक्षकों को क्षेत्र में लगातार भ्रमणशील रहने के निर्देश दिए गए हैं. उन्हें गैस एजेंसियों और पेट्रोल पंपों की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है.
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कहीं भी गैस की कालाबाजारी या अवैध रिफिलिंग पाई गई तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
(रिपोर्ट- रंजय सिंह)
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