कोटा शहर पुलिस ने एटीएम से बेहद शातिर तरीके से नकदी चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए हरियाणा के पलवल निवासी दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. दादाबाड़ी थाना पुलिस की इस कार्रवाई में उन आरोपियों को पकड़ा गया है, जो एटीएम मशीन में खुद तैयार की गई चिपनुमा डिवाइस लगाकर ग्राहकों की नकदी पर हाथ साफ करते थे. प्रारंभिक पूछताछ में दोनों आरोपियों ने कोटा में 5 से 7 वारदातों को अंजाम देने और करीब 1.5 लाख रुपए की ठगी करना स्वीकार किया है.
एडिशनल एसपी सुभाष मिश्रा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी मुनफेद और समीन के खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. दोनों आरोपी लंबे समय से एटीएम मशीनों को निशाना बनाकर चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे.
ऐसे देते थे वारदात को अंजाम
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने खुद एक विशेष चिपनुमा डिवाइस तैयार की थी. वे पुराने एटीएम की कैश डिस्पेंसर स्लॉट में इस डिवाइस को इस तरह फिट कर देते थे कि बाहर से किसी को कोई शक नहीं होता था. जब कोई ग्राहक पैसे निकालने के लिए ट्रांजैक्शन करता, तो ट्रांजैक्शन सफल दिखता, लेकिन नकदी बाहर नहीं निकलती. ग्राहक मशीन को खराब समझकर वहां से चला जाता और कुछ देर बाद आरोपी वापस आकर पेचकश और अन्य औजारों की मदद से डिवाइस निकालते हुए फंसी हुई पूरी नकदी लेकर फरार हो जाते थे.
सीसीटीवी फुटेज से खुला पूरा खेल
मामले का खुलासा तब हुआ, जब ट्रांजेक्शन सॉल्यूशन इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड के जिला प्रभारी महेश शर्मा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. जांच के दौरान गणेश तालाब, बसंत विहार और बालाकुंड स्थित एसबीआई एटीएम के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए. फुटेज में एक आरोपी पहले एटीएम से छेड़छाड़ करता और बाद में पेचकश से मशीन खोलकर नकदी निकालता स्पष्ट दिखाई दिया.
100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे खंगालकर मिली सफलता
घटना की गंभीरता को देखते हुए दादाबाड़ी थाना पुलिस ने विशेष टीम गठित की. पुलिस ने 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया और मुखबिर की सूचना के आधार पर भितरिया कुंड के पास से दोनों आरोपियों को धर दबोचा.
औजार, चिप और चोरी की नकदी बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एटीएम से छेड़छाड़ में इस्तेमाल होने वाला पेचकश, पट्टीनुमा औजार, विशेष चिपनुमा डिवाइस तथा चोरी की गई ₹9,300 की नकदी बरामद की है. बरामद डिवाइस को पुलिस तकनीकी जांच के लिए भी भेज रही है.
जेल में सीखा था ठगी का तरीका
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया. उन्होंने बताया कि एटीएम में इस्तेमाल होने वाली इस चिपनुमा डिवाइस को बनाना और इस तरीके से वारदात करना उन्होंने जेल के भीतर सीखा था. इसके बाद बाहर निकलकर उन्होंने इसी मॉड्यूल पर काम करते हुए कई शहरों में वारदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया.
अब पूरे नेटवर्क की तलाश में पुलिस
आरोपियों ने गुमानपुरा क्षेत्र की एक वारदात भी कबूल की है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों आरोपी कोटा के अलावा किन-किन शहरों में सक्रिय रहे, कितनी घटनाओं को अंजाम दिया और इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्य कौन हैं. साथ ही उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य राज्यों में दर्ज मामलों की भी गहन जांच की जा रही है.
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