राजधानी लखनऊ के आशियाना थाना क्षेत्र के सेक्टर-के में 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला नीरा गुप्ता की सनसनीखेज हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है. अकेलेपन का फायदा उठाकर घर में ही भरोसे का कत्ल किया गया था. पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल मर्डर और लूटकांड का खुलासा करते हुए मृतका की पूर्व नौकरानी समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है. आरोपियों ने बुजुर्ग महिला के सिर पर मूसल से वार कर उनकी जान ले ली और घर से करीब 50 लाख रुपये से ज्यादा के हीरे और सोने के जेवर लूटकर फरार हो गए थे.
घर में अकेली रहती थीं नीरा गुप्ता
डीसीपी सेंट्रल अर्पित विजयवर्गीय के मुताबिक, आशियाना के सेक्टर-के में रहने वालीं नीरा गुप्ता (65) घर में अकेली रहती थीं. उनके पति एच.आर. गुप्ता पंजाब एंड सिंध बैंक से रिटायर्ड अधिकारी थे, जिनका एक साल पहले निधन हो चुका है. दंपति के दोनों बेटे अमेरिका में सेटल हैं. घर में बुजुर्ग महिला के अकेले होने की जानकारी उनकी पुरानी नौकरानी मोनी रावत को अच्छी तरह थी.
पूर्व नौकरानी ने तैयार किया हत्या और लूट का प्लान
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि पूर्व नौकरानी मोनी रावत ने ही इस पूरे हत्याकांड और लूट का मास्टर प्लान तैयार किया था. मोनी जानती थी कि नीरा गुप्ता के पास करोड़ों की संपत्ति और भारी मात्रा में पुश्तैनी जेवर हैं. उसने साजिश के तहत कुछ दिन पहले ही अपनी परिचित सरिता रावत को नीरा गुप्ता के घर काम पर लगवाया. सरिता ने चंद दिनों में ही बुजुर्ग महिला का भरोसा जीत लिया और घर के चप्पे-चप्पे और तिजोरी की सारी जानकारी मोनी और अपने साथियों तक पहुंचा दी.
मूसल से सिर पर वार कर की हत्या, 50 लाख से ज्यादा के जेवर लूटे
योजना के मुताबिक, मोनी रावत, सरिता रावत, रवि रावत और एक नाबालिग ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया. आरोपियों ने घर में घुसकर नीरा गुप्ता के सिर पर भारी मूसल से ताबड़तोड़ वार किए, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई. इसके बाद आरोपियों ने अलमारी खंगाली और 50 लाख रुपये से अधिक के जेवर समेट लिए. किसी को हत्या का शक न हो और मामला सामान्य लगे, इसके लिए आरोपियों ने घर का मुख्य दरवाजा अंदर से बंद किया और दूसरे दरवाजे पर इंटरलॉक लगाकर पीछे के रास्ते से फरार हो गए.
भतीजी के फोन न उठाने पर हुआ शक
इस खौफनाक वारदात का पता तब चला, जब गाजियाबाद में रहने वाली नीरा गुप्ता की भतीजी श्वेता ने उन्हें कई बार फोन किया. लगातार घंटी जाने के बावजूद जब फोन नहीं उठा, तो श्वेता को अनहोनी की आशंका हुई. उन्होंने तुरंत लखनऊ के इंदिरा नगर में रहने वाले अपने चचेरे भाई अनुभव को आशियाना जाकर बुआ का हाल देखने को कहा. बुधवार दोपहर करीब 2 बजे जब भतीजा अनुभव घर पहुंचा, तो दरवाजा अंदर से बंद मिला. काफी आवाज देने और खटखटाने पर भी जब कोई हलचल नहीं हुई, तो उसने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी.
पुलिस ने चार विशेष टीमें बनाकर किया खुलासा
सूचना मिलते ही आशियाना थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और धक्का देकर दरवाजा तोड़ा. अंदर का मंजर देखकर पुलिस भी सन्न रह गई. नीरा गुप्ता फर्श पर सिर के बल औंधे मुंह पड़ी थीं और उनके सिर से खून बह रहा था. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद मुकदमा दर्ज कर खुलासे के लिए चार विशेष टीमें लगाई गईं. सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और लोकल इंटेलिजेंस की मदद से पुलिस ने कड़ियां जोड़ीं और मुख्य साजिशकर्ता मोनी रावत, सरिता रावत, रवि रावत समेत नाबालिग आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.
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