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Madhya Pradesh Achievement: कोर्ट के चक्कर काटने से मिलेगी राहत! जल्दी ही होगा लंबित पड़े केस का निपटारा... सारी कार्यवाही हुई डिजिटल

मध्य प्रदेश ने न्यायायिक प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए नए कदम उठाएं हैं. इसके लिए उसने राज्य सरकार के साथ एक मसौदे पर भी हस्ताक्षर किए है. इसके बाद मध्य प्रदेश के कोर्ट में लंबित पड़े केस का तेज़ी का साथ निपटारा किया जा सकेगा.

gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 03 जुलाई 2025,
  • अपडेटेड 9:25 AM IST

जहां देश में एक तरह से डिजिटल क्रांति चल आई हुई है. लोगों के कई काम घर बैठे इंटरनेट पर हो रहे हैं. अब  लोगों को ऑफिस से छुट्टी नहीं लेनी पड़ती अपने काम के लिए. इंटरनेट पर 10-15 मिनट में उनका वो काम हो जाता है. कॉलेज-स्कूल में दाखिला हो या फिर बाइक-चोरी की शिकायत. ऑनलाइन पोर्टल हाज़िर है. 

ऐसे में न्याय व्यवस्था को और तेज़ी से आगे बढ़ाने वाला पहला राज्य मध्य प्रदेश बन चुका है. देश में करोड़ों केस लंबित चल रहे हैं. जिसमें तारीख पर तारीख मिलती रहती है, इस दौरान नए केस आते रहते है. ऐसे में देश में कानूनी मामलों की संख्या बढ़ती ही जाती है. लेकिन मध्य प्रदेश में इसका हल निकल गया है.

सारी कार्यवाही हुई डिजिटल
मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है जहां ट्रायल से लेकर गवाही और निर्णय तक सब ऑनलाइन होंगे. एक प्रकार से कहें तो पूरी न्यायिक प्रकिया तो डिजिटल रूप दे दिया गया है. इसके लिए हाई कोर्ट के साथ राज्य सरकार ने एक मसौदे को मंजूरी दे दी है. जिसके चलते मध्य प्रदेश की अदालतों में पड़े केस तेज़ रफ्तार से हल होंगे.

कैसे केस सुलझाने में आएगी रफ्तार
कानूनी मामलों में एक सबसे बड़ी परेशानी होती है कि कई बार कोई किसी तय तारीख पर नहीं आ पाता है. ऐसे में उस केस को फिर दोबारा आगे बढ़ाना पड़ता है, यानी एक नई तारीख दी जाती है. लेकिन जिस मसौदे पर हस्ताक्षर किए गए हैं, उसके अनुसार अब सारी प्रक्रिया वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हो सकेगी.

Judicial Proceeding Through VC (Source: AI)

वीडियो कॉन्फ्रेंस में ट्रायल, बहस, गवाही, सबूत जमा करना, सब कुछ वीडियो कॉन्फ्रेंस और इंटरनेट की मदद से होगा. कई मामलों में होता है कि गवाह राज्य से बाहर है, या तबियत खराब है. या फिर वकील नहीं आ पाते. ऐसे कई कारण हो जाते हैं जिसके कारण कानूनी प्रक्रिया लंबित होती रहती है. लेकिन वीडियो कॉन्फ्रेंस इन सभी दिक्कतों को दूर कर देगी.

किस तरह होगी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग
दरअसल वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान जज और उनके सामने पेश होने वाले के बीच कॉर्डिनेटर बिठाया जाएगा. जिससे दोनों तरफ से किसी तरह की तकनीकी परेशानी का सामना ना करना पड़े. साथ ही सभी तकनीकी उपकरण भी मौजूद करवाएं जाएंगे, जिससे बहस या गवाही करवाई जा सके. यह कॉर्डिनेटर दोनों प्वाइंट पर मौजूद रहेंगे. जिससे कार्यवाही सुचारू रूप से चल सके.

कार्यवाही रहे सुरक्षित
वीडियो कॉन्फ्रेंस से माध्यम से कार्यवाही के लिए एक विशेष सॉफ्टवेयर को तैयार किया गया है. इसमें कार्यवाही के दौरान सभी बातें रिकॉर्ड रहेंगी. साथ ही कार्यवाही भी सुरक्षित रूप से होगी. इसके अलावा कोई और शख्स बीच में दखल नहीं दे सकेगा.

कहां मौजूद होंगे वीडियो कॉन्फ्रेंस रूम
कार्यवाही के लिए हर हाई कोर्ट, जिला कोर्ट, जेल, पुलिस थाना, कलेक्टर ऑफिस, मेडिकल कॉलेज, अस्पताल, लैब, ईडी, एसटीएफ और नारकोटिक्स में वीसी रूम तैयार किए जाएंगे. यहां कार्यवाही के लिए कॉर्डिनेटर भी मौजूद रहेगा जो कोर्ट में कार्यवाही के दौरान आपको जज के सामने वीसी के माध्यम से पेश करेगा. 

 

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