Manikarnika Ghat: जहां 365 दिन जलती हैं चिताएं, वहां अब होंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं, देखें मणिकर्णिका घाट के मेकओवर की तस्वीरें

सरकार ने जो मणिकर्णिका घाट को नए सिरे से बनाने की तैयारी की है उसके प्रोजेक्ट की तस्वीरों के मुताबिक बनने के बाद अंतिम संस्कार के लिए बना हुआ यह घाट कुछ ऐसा दिखाई दे सकता है.

manikarnika ghat
कुमार अभिषेक
  • वाराणसी,
  • 17 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 3:49 PM IST

मणिकर्णिका घाट कायाकल्प के बाद कुछ इस तरीके का दिखाई देगा. फिलहाल मणिकर्णिका को नए सिरे से बनाने के लिए वहां कुछ विध्वंस चल रहा है जिस पर हंगामा बरपा है लेकिन मणिकर्णिका घाट का प्लेटफार्म काफी बड़ा बनाया जाएगा ताकि एक साथ किए जाने वाले अंतिम संस्कार को लेकर विश्व स्तरीय सुविधाएं वहां मिल सकें.

सरकार ने जो मणिकर्णिका घाट को नए सिरे से बनाने की तैयारी की है उसके प्रोजेक्ट की तस्वीरों के मुताबिक बनने के बाद अंतिम संस्कार के लिए बना हुआ यह घाट कुछ ऐसा दिखाई दे सकता है.

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फिलहाल मणिकर्णिका घाट तंग गलियों से गुजर कर पहुंच जाता है, जहां दाह संस्कार की मूलभूत सुविधाएं बेहद जर्जर और गंदगी से भरी पड़ी थी लेकिन काशी कॉरिडोर से सटे हुए मणिकर्णिका घाट के कायाकल्प की परियोजना को प्रधानमंत्री मोदी ने कुछ समय पहले अपने विजन काशी में शामिल किया था. पहले ही प्रथम चरण के लिए 35 करोड़ की राशि आवंटित की जा चुकी है और जल्द ही यह मणिकर्णिका घाट अंतिम संस्कार के लिए नए तरीके से बनकर सामने आएगा.

इस घाट के बारे में यह कहा जाता है कि 24 घंटे 365 दिन यहां कभी चिता की आंच नहीं बुझती, ऐसे में अब पीएम मोदी के विजन में यहां की सुविधाओं को शामिल किया गया है.

यहां जलने वाली चिताओं से निकलने वाले भस्म कॉरिडोर तक आते हैं जहां श्रद्धालु दर्शन और पर्यटक भी पहुंचते हैं ऐसे में अब जबकि कॉरिडोर बिल्कुल मणिकर्णिका घाट से सट गया है यहां मणिकर्णिका घाट के कायाकल्प की जरूरत भी महसूस की जा रही थी. हालांकि यहां एक चबूतरे के विध्वंस के बाद हंगामा मच गया क्योंकि वहां कई मूर्तियां थी अब सरकार नए तरीके से इसे बना रही है.

 

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