डिजिटल इंडिया से विकसित भारत तक: जानें मोदी सरकार के बजटों ने कैसे बदली भारत की अर्थव्यवस्था

2014-15 के पहले बजट में व्यक्तिगत आयकर छूट सीमा बढ़ाई गई और डिजिटल इंडिया तथा स्वच्छ भारत अभियान जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं की शुरुआत हुई. इसके साथ ही रक्षा और बीमा क्षेत्र में एफडीआई सीमा 49% तक बढ़ाई गई, जो निवेश आकर्षित करने का बड़ा कदम था.

PM Modi.
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 27 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 10:52 AM IST

पिछले एक दशक में मोदी सरकार ने बजटों के माध्यम से देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने का प्रयास किया है. 2014-15 के पहले बजट में व्यक्तिगत आयकर छूट सीमा बढ़ाई गई और डिजिटल इंडिया तथा स्वच्छ भारत अभियान जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं की शुरुआत हुई. इसके साथ ही रक्षा और बीमा क्षेत्र में एफडीआई सीमा 49% तक बढ़ाई गई, जो निवेश आकर्षित करने का बड़ा कदम था.

2015-16 में सहकारी संघवाद को बढ़ावा देते हुए राज्यों को अधिक कर हिस्सेदारी दी गई. जन धन योजना, मुद्रा लोन, अटल पेंशन योजना जैसी योजनाओं ने वित्तीय समावेशन को गति दी. वहीं, मेक इन इंडिया और स्टार्टअप इंडिया के जरिए रोजगार और विनिर्माण को बढ़ावा देने की रणनीति अपनाई गई.

कृषि और ग्रामीण विकास पर विशेष ध्यान
2016-17 से 2018-19 के बीच कृषि और ग्रामीण विकास पर विशेष ध्यान दिया गया. किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, सिंचाई कोष और ई-नाम जैसी पहले इसी दिशा में थीं. 2018 में आयुष्मान भारत योजना शुरू हुई, जो दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना बनी.

2019 के अंतरिम बजट में पीएम-किसान के तहत किसानों को प्रत्यक्ष आय सहायता दी गई. इसके बाद 2019-20 में 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का विजन पेश किया गया और राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन जैसी योजनाओं से बुनियादी ढांचे में निवेश बढ़ाया गया.
 

2022-23 और 2023-24 में पूंजीगत व्यय
कोविड-19 महामारी के दौरान 2021-22 के बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र का आवंटन दोगुना किया गया और पीएम आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना शुरू की गई. साथ ही, उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजनाओं से विनिर्माण को बढ़ावा मिला. 2022-23 और 2023-24 में पूंजीगत व्यय में रिकॉर्ड वृद्धि हुई, गति शक्ति, हरित ऊर्जा और डिजिटल अर्थव्यवस्था पर जोर दिया गया. कर सुधारों के तहत नए कर ढांचे में ₹7 लाख तक की आय पर कर छूट दी गई.

2024-25 और 2025-26 के बजटों में रोजगार सृजन, कृषि में आत्मनिर्भरता, एआई और अनुसंधान पर बड़े निवेश की घोषणा हुई. 2025-26 में मध्यम वर्ग को राहत देते हुए ₹12 लाख वार्षिक आय तक कर मुक्त किया गया और एफडीआई सीमा बीमा क्षेत्र में 100% कर दी गई. इन बजटों ने भारत को विकसित भारत के लक्ष्य की ओर अग्रसर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिसमें अवसंरचना, डिजिटलाइजेशन, हरित ऊर्जा, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है.

रिपोर्टर: हिमांशु मिश्रा

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