Nautapa 2026: शुरू होने वाले हैं साल के सबसे तपते 9 दिन! आग उगलेगा सूरज, इन बातों का रखें खास ख्याल

उत्तर भारत में एक बार फिर भीषण गर्मी का दौर शुरू हो गया है और आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना है. यह हर साल आता है और इस दौरान 9 दिनों तक सूर्य देव उग्र रूप में रहते हैं. यह समय हर साल मई के अंतिम सप्ताह से जून की शुरुआत तक पड़ता है. इस साल नौतपा 25 मई से 2 जून तक होगा.

nautapa 2026
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 19 मई 2026,
  • अपडेटेड 12:55 PM IST

उत्तर भारत में एक बार फिर भीषण गर्मी का दौर शुरू हो गया है और आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना है. यह हर साल आता है और इस दौरान 9 दिनों तक सूर्य देव उग्र रूप में रहते हैं. यह समय हर साल मई के अंतिम सप्ताह से जून की शुरुआत तक पड़ता है. इस साल नौतपा 25 मई से 2 जून तक होगा.

नौतपा क्या है और कब पड़ता है
नौतपा संस्कृत के नव और तप शब्द से मिलकर बना है जिसका अर्थ नौ दिनों की तपिश होता है. यह समय हर साल मई के अंतिम सप्ताह से जून की शुरुआत तक पड़ता है. इन दिनों में तापमान अक्सर 42 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है. नौतपा के दौरान गर्म और सूखी हवाएं चलती हैं जिन्हें लू कहा जाता है. ये हवाएं तापमान को और बढ़ा देती हैं और शरीर पर गर्मी का असर तेज कर देती हैं. इसके साथ हवा में नमी बढ़ने से उमस भी काफी ज्यादा महसूस होती है.

उमस बढ़ने का कारण
नौतपा के दौरान सिर्फ गर्मी ही नहीं बल्कि उमस भी लोगों को परेशान करती है. इस समय बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से नमी भरी हवाएं धीरे धीरे उत्तर की ओर बढ़ती हैं. इनमें नमी तो होती है लेकिन बारिश नहीं होती. इसी कारण हवा में नमी बढ़ जाती है और पसीना सूख नहीं पाता. वैज्ञानिक रूप से इसे हीट इंडेक्स कहा जाता है. 45 डिग्री तापमान और 60 से 70 प्रतिशत नमी के साथ महसूस होने वाला तापमान 50 से 55 डिग्री तक पहुंच सकता है. इससे थकान, चक्कर और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है.

उत्तर भारत का मैदानी इलाका तीन तरफ से पहाड़ों और एक तरफ समुद्र से घिरा होने के कारण गर्म हवा ऊपर नहीं उठ पाती और नीचे ही घूमती रहती है. इस दौरान धूल भरी आंधियां भी चलती हैं जो कुछ समय के लिए तापमान कम करती हैं लेकिन उमस बढ़ा देती हैं.

नौतपा के बाद राहत कब मिलेगी
नौतपा के बाद दक्षिण पश्चिम मानसून केरल पहुंचता है और धीरे धीरे पूरे देश में फैलता है. पहली बारिश के साथ तापमान में गिरावट आती है और जमीन ठंडी होने लगती है. इसी वजह से नौतपा को गर्मी का चरम माना जाता है.

नौतपा के दौरान इन बातों का रखें ख्याल
इन दिनों दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक बाहर निकलने से बचना चाहिए. पर्याप्त पानी पीना जरूरी है और घर में ओआरएस या नींबू पानी रखना चाहिए. बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखना चाहिए. हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनना और सिर ढककर बाहर निकलना जरूरी है. 

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