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प्रयागराज और वाराणसी में भीषण गर्मी का कहर, सड़कों से लेकर गंगा घाटों पर पसरा सन्नाटा

उत्तर प्रदेश इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है. प्रयागराज और वाराणसी जैसे बड़े शहरों में तापमान लगातार 43 से 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा है. तेज धूप और लू के थपेड़ों ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है.

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उत्तर प्रदेश इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है. प्रयागराज और वाराणसी जैसे बड़े शहरों में तापमान लगातार 43 से 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा है. तेज धूप और लू के थपेड़ों ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है. दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा दिखाई दे रहा है और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं. हालात ऐसे बन गए हैं कि मोहल्लों और मुख्य सड़कों पर लॉकडाउन जैसा माहौल नजर आने लगा है.

प्रयागराज बना प्रदेश का सबसे गर्म शहर
प्रयागराज में लगातार दो दिनों से पड़ रही प्रचंड गर्मी ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं. शहर का तापमान 43 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है. तेज धूप से बचने के लिए लोग पूरे शरीर को ढककर बाहर निकल रहे हैं. सड़क पर पैदल चलने वाले लोग भी पेड़ों की छांव को पहली प्राथमिकता दे रहे हैं. जगह-जगह लोग पेड़ों के नीचे बैठकर राहत पाने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं. स्थिति को देखते हुए प्रयागराज के जिलाधिकारी ने गर्मी को लेकर एडवाइजरी जारी की है. लोगों को दोपहर में घरों से बाहर न निकलने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी गई है. भीषण गर्मी का असर केवल इंसानों पर ही नहीं बल्कि सड़क पर घूमने वाले जानवरों पर भी साफ दिखाई दे रहा है. कुत्ते और अन्य पशु कारों के नीचे या पेड़ों की छांव में बैठे नजर आ रहे हैं. गर्म हवाओं और तपती सड़कों ने पशुओं के लिए भी मुश्किलें बढ़ा दी हैं.

संगम तट और घाटों पर कम हुई भीड़
प्रयागराज का संगम तट, जहां सामान्य दिनों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है, अब गर्मी की वजह से सूना दिखाई दे रहा है. घाटों पर लोगों की संख्या काफी कम हो गई है. पूजा-पाठ करने वाले पुजारी और कर्मचारी भी तेज धूप में काम करने को मजबूर हैं.

वाराणसी के घाटों पर भी पसरा सन्नाटा
प्रयागराज की तरह वाराणसी भी भीषण गर्मी की मार झेल रहा है. यहां का तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है. मौसम विभाग ने लू और अत्यधिक गर्मी को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. प्रशासन ने एहतियात के तौर पर सभी स्कूलों को 25 मई तक बंद करने का फैसला लिया है. वहीं हमेशा गुलजार रहने वाले काशी के 84 गंगा घाट दोपहर के समय लगभग खाली दिखाई दे रहे हैं. तपते पत्थर और आसमान से बरसती आग जैसी धूप ने घाटों की रौनक फीकी कर दी है. लोग केवल मजबूरी में ही बाहर निकल रहे हैं.

पर्यटन और रोजगार पर भी असर
भीषण गर्मी का असर पर्यटन और स्थानीय रोजगार पर भी पड़ रहा है. दशाश्वमेध घाट पर पूजा कराने वाले पंडा रजत तिवारी का कहना है कि श्रद्धालुओं की संख्या आधी रह गई है, जिससे उनकी आय प्रभावित हो रही है. वहीं घाट पर फल बेचने वाले संतोष ने बताया कि दिन में ग्राहक नहीं आ रहे हैं और लोग शाम 4 से 5 बजे के बाद ही बाहर निकल रहे हैं. वहीं मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है. अनुमान है कि वाराणसी में पारा 47 डिग्री तक पहुंच सकता है. 25 मई से शुरू होने वाले नौतपा के दौरान गर्मी और अधिक बढ़ने की संभावना जताई जा रही है.

रिपोर्टर: आनंद राज, रौशन जायसवाल

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