कोरोना महामारी के दौरान रेहड़ी-पटरी वालों को सहारा देने के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री स्वनिधि (PM SVANidhi) योजना को छह साल पूरे हो हैं. इस योजना के तहत अब तक 75.5 लाख से ज्यादा लोगों को लाभ मिला है. सरकार के मुताबिक जून 2020 में शुरू हुई इस योजना के तहत अब तक 1.12 करोड़ से अधिक बिना गारंटी वाले लोन दिए जा चुके हैं, जिनकी कुल राशि 17,800 करोड़ रुपए से ज्यादा है.
क्या है प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना?
केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य छोटे विक्रेताओं को सस्ती दर पर पूंजी उपलब्ध कराना, डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना और उन्हें औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ना है.
बिना गारंटी के मिलता है लोन
PM SVANidhi योजना के तहत रेहड़ी-पटरी वाले विक्रेताओं को बिना किसी गारंटी के तीन चरणों में लोन दिया जाता है.
पहले चरण में 15,000 रुपए तक का लोन
दूसरे चरण में 25,000 रुपए तक का लोन
तीसरे चरण में 50,000 रुपए तक का लोन
समय पर किस्त चुकाने वाले लाभार्थियों को ब्याज सब्सिडी और क्रेडिट गारंटी का फायदा भी मिलता है. इसके अलावा ऐसे लोगों को 30,000 रुपए तक की सीमा वाला UPI आधारित RuPay क्रेडिट कार्ड भी दिया जा सकता है.
डिजिटल लेनदेन में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी
योजना के तहत डिजिटल भुगतान को विशेष महत्व दिया गया है. मंत्रालय के अनुसार 55 लाख से अधिक लाभार्थियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है. इन लोगों ने अब तक 841 करोड़ से ज्यादा डिजिटल ट्रांजैक्शन किए हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 8.96 लाख करोड़ रुपए है. डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कैशबैक और ब्याज सब्सिडी के रूप में करीब 800 करोड़ रुपए भी वितरित किए हैं.
पहली बार बैंकिंग सिस्टम से जुड़े लाखों लोग
सरकार का दावा है कि योजना के लगभग 95% लाभार्थियों ने पहली बार किसी औपचारिक वित्तीय संस्था से कर्ज लिया. इससे उनकी बैंकिंग व्यवस्था तक पहुंच बढ़ी और आर्थिक स्थिति मजबूत हुई. करीब 30% लाभार्थियों ने PM SVANidhi के बाद अन्य संस्थानों से भी लोन लिया. इसे उनकी बेहतर क्रेडिट हिस्ट्री और बढ़ती वित्तीय विश्वसनीयता का संकेत माना जा रहा है.
आय बढ़ी, जीवन स्तर में भी सुधार
2023 और 2025 में किए गए स्वतंत्र आकलनों में पाया गया कि योजना से जुड़े लोगों की आय में औसतन 20% सालाना वृद्धि हुई है. इसके साथ ही आवास, स्वास्थ्य, बच्चों की शिक्षा और पोषण जैसे क्षेत्रों में भी सकारात्मक सुधार दर्ज किया गया. योजना के लाभार्थियों में लगभग 46% महिलाएं हैं, जबकि करीब 70% लोग वंचित और कमजोर वर्गों से आते हैं. इससे योजना की व्यापक पहुंच और समावेशी स्वरूप भी सामने आता है.
आवेदन करते समय इन बातों का रखें ध्यान
आवेदन में दिया गया मोबाइल नंबर बैंक खाते से लिंक होना चाहिए.
बैंक खाते में सरनेम या अंतिम नाम अपडेट होना चाहिए.
आधार और बैंक खाते में नाम, जन्मतिथि और लिंग की जानकारी एक जैसी होनी चाहिए.
बैंक खाते में दर्ज पता पूरा और सही होना चाहिए.
पता लिखते समय S/O, D/O या W/O जैसी जानकारी शामिल नहीं करनी चाहिए.
बैंक खाता सक्रिय और आधार से लिंक होना जरूरी है.
किसी भी लोन खाते में डिफॉल्ट की स्थिति नहीं होनी चाहिए.
सरकार ने PM SVANidhi योजना को मार्च 2030 तक बढ़ा दिया है. इच्छुक लोग आधिकारिक पोर्टल या नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के जरिए आवेदन कर सकते हैं.