Advertisement

रम और व्हिस्की में फ्लेवर मिलाकर बेच रहे थे ब्रांड्स...FSSAI ने बिक्री पर रोक लगाया, जानिए क्या है पूरा मामला

FSSAI ने सिर्फ उन उत्पादों पर कार्रवाई की है, जिनमें जांच के दौरान तय मानकों का पालन नहीं पाया गया. FSSAI के मुताबिक, लैब जांच में पाया गया कि कुछ शराब उत्पादों में रम में रम फ्लेवर और व्हिस्की में व्हिस्की फ्लेवर मिलाया गया था.

FSSAI ban
gnttv.com
  • नई दिल्ली ,
  • 05 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 10:36 AM IST
  • Old Monk, Bagpiper समेत कई शराब ब्रांड्स पर FSSAI की कार्रवाई
  • लैब जांच में उत्पाद पाए गए सब-स्टैंडर्ड

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने शराब बनाने वाली कई कंपनियों के कुछ उत्पादों पर कार्रवाई की है. नियामक ने Diageo India की United Spirits, Inbrew Beverages और Mohan Rocky Springwater Breweries के कुछ रम और व्हिस्की ब्रांड्स की बिक्री पर रोक लगाई है. FSSAI का कहना है कि जांच के दौरान इन उत्पादों में तय मानकों के विपरीत फ्लेवर का इस्तेमाल पाया गया.

इन ब्रांड्स की कुछ वैरायटी पर हुई कार्रवाई
FSSAI की कार्रवाई में Inbrew Beverages की Bagpiper Deluxe Whisky और Old Cask Deluxe XXX Rum शामिल हैं. वहीं, Old Monk The Legend, Old Monk Gold Reserve और Old Monk XXX Matured Rum की कुछ वैरायटी भी जांच के दायरे में आई हैं. इन उत्पादों का निर्माण अलग-अलग राज्यों में किया जाता है. लैब जांच में पाया गया कि कुछ उत्पादों में रम में रम फ्लेवर और व्हिस्की में व्हिस्की फ्लेवर मिलाया गया था. नियामक का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐसी कोई मान्यता प्राप्त निर्माण प्रक्रिया नहीं है, जिसमें उसी शराब का फ्लेवर उसी उत्पाद में अलग से मिलाया जाए.

FSSAI के अनुसार, शराब का स्वाद और खुशबू सामान्य तौर पर एजिंग (Maturation) और प्राकृतिक कच्चे माल जैसे माल्ट, शीरा (Molasses) या अंगूर से विकसित होती है. ऐसे में बाहरी आर्टिफिशियल या नेचर-आइडेंटिकल फ्लेवर का इस्तेमाल उत्पाद को तय गुणवत्ता मानकों से बाहर कर देता है.

लैब जांच में उत्पाद पाए गए सब-स्टैंडर्ड
नियामक ने कहा कि जांच में जिन उत्पादों के नमूने लिए गए, उनमें बाहरी आर्टिफिशियल या नेचर-आइडेंटिकल फ्लेवर की मौजूदगी मिली. इसी आधार पर उन्हें सब-स्टैंडर्ड श्रेणी में रखा गया और संबंधित वैरायटी की बिक्री पर रोक लगाने का फैसला लिया गया. बीते कुछ समय से FSSAI खाद्य और पेय पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर लगातार कार्रवाई कर रहा है. हाल ही में प्राधिकरण ने कुछ उत्पादों पर किए जा रहे '100%' दावों पर आपत्ति जताते हुए कंपनियों को उन्हें हटाने के निर्देश दिए थे. इसके अलावा अधिक कैफीन वाले कुछ पेय पदार्थों को 'एनर्जी ड्रिंक' के रूप में बेचने पर भी रोक लगाने के निर्देश जारी किए गए थे.

ये भी पढ़ें:

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement