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सहारनपुर में 9 सितंबर तक होगी अग्निवीर भर्ती रैली, 23 हजार शॉर्टलिस्ट अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना

सहारनपुर में अग्निवीर भ्र्ती रैली में 23 हजार शॉर्टलिस्ट अभ्यर्थियों ने दम दिखाने की संभावना है. 17 अगस्त से 9 सितंबर तक भर्ती रैली चलेगी. इस दौरान रोजाना एक हजार अभ्यर्थी हिस्सा ले रहे हैं. मेजर मनीष कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भर्ती योग्य युवाओं की संख्या काफी अधिक है. इसी कारण इस जोन के अंतर्गत 9 आर्मी रिक्रूटिंग ऑफिस कार्यरत हैं, जिनमें 6 उत्तर प्रदेश और 3 उत्तराखंड में हैं. पूरे वर्ष विभिन्न स्थानों पर भर्ती रैलियां आयोजित की जाती हैं.

Saharanpur News
अनिल कुमार भारद्वाज
  • सहारनपुर,
  • 24 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 8:10 PM IST

भारतीय सेना में अग्निवीर बनने का सपना लेकर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के हजारों युवा सहारनपुर में आयोजित सेना भर्ती रैली में अपना दमखम दिखा रहे हैं. भर्ती रैली के दौरान अभ्यर्थियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला. निर्धारित समय में दौड़ पूरी करने के लिए युवा पूरी ताकत के साथ ट्रैक पर दौड़े, वहीं समय समाप्त होने पर अधिकारियों ने रस्सी खींचकर अभ्यर्थियों को रोका.

भर्ती रैली का शुभारंभ सैन्य अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ. सेना के अधिकारी पूरी प्रक्रिया पर नजर रखे हुए हैं. दौड़ और अन्य शारीरिक दक्षता परीक्षाओं के दौरान बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल हुए, जबकि सफल अभ्यर्थियों के चेहरे पर सेना की वर्दी पहनने का सपना साकार होने की खुशी साफ दिखाई दी.

20 फीसदी अग्निवीर भर्ती यूपी-उत्तराखंड क्षेत्र से- मेजर मनीष
जोनल भर्ती कार्यालय उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड के मेजर मनीष कुमार ने बताया कि उनका भर्ती जोन देश में होने वाली सेना भर्ती में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. उन्होंने कहा कि देश में होने वाली अग्निवीर भर्ती का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड क्षेत्र से जुड़ा है.

मेजर मनीष कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भर्ती योग्य युवाओं की संख्या काफी अधिक है. इसी कारण इस जोन के अंतर्गत 9 आर्मी रिक्रूटिंग ऑफिस कार्यरत हैं, जिनमें 6 उत्तर प्रदेश और 3 उत्तराखंड में हैं. पूरे वर्ष विभिन्न स्थानों पर भर्ती रैलियां आयोजित की जाती हैं.

इस साल कॉमन एंट्रेंस एग्जाम में युवाओं की भागीदारी बढ़ी- मेजर मनीष
उन्होंने बताया कि इस वर्ष कॉमन एंट्रेंस एग्जाम में युवाओं की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. पिछले वर्ष जहां करीब 4.5 लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी, वहीं इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 5.5 लाख से अधिक पहुंच गई. इनमें से लगभग 1.5 लाख अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया, जिन्हें अलग-अलग भर्ती रैलियों में शामिल किया जा रहा है.

सहारनपुर में 23 हजार शॉर्टलिस्ट अभ्यर्थी हो सकते हैं शामिल-
सहारनपुर में चल रही भर्ती रैली में करीब 23 हजार शॉर्टलिस्ट अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है. यह भर्ती रैली 17 अगस्त से 9 सितंबर तक आयोजित की जा रही है और प्रतिदिन लगभग एक हजार अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा ले रहे हैं.

मेजर मनीष कुमार ने भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और मेरिट आधारित बताया. उन्होंने कहा कि मीडिया द्वारा भर्ती प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से देखकर जनता तक सही जानकारी पहुंचाना बेहद महत्वपूर्ण है. इससे युवाओं और अभिभावकों के बीच भर्ती प्रक्रिया को लेकर विश्वास और मजबूत होता है.

भर्ती रैली के माहौल को लेकर उन्होंने कहा कि सेना इसे केवल नौकरी पाने की प्रक्रिया के रूप में नहीं, बल्कि देश की युवा शक्ति और उनकी देशभक्ति के उत्सव के रूप में देखती है. रैली स्थल पर तिरंगा, देशभक्ति के माहौल और उत्साह से भरे युवाओं के बीच अलग ही ऊर्जा दिखाई दे रही है.

उन्होंने कहा कि 17.5 से 22 वर्ष की आयु के युवा भारतीय सेना में शामिल होने का संकल्प लेकर यहां पहुंच रहे हैं. सेना के अधिकारी भी इन अभ्यर्थियों को केवल नौकरी के उम्मीदवार के रूप में नहीं, बल्कि अपने भावी ‘कॉमरेड्स इन आर्म्स’ यानी भविष्य के साथी सैनिकों के रूप में देखते हैं.

अग्निवीरों के भविष्य को लेकर भी सरकार की योजनाएं-
मेजर मनीष कुमार ने कहा कि अग्निवीर योजना के तहत सेवा पूरी करने वाले युवाओं के भविष्य को लेकर भी सरकार की विभिन्न योजनाएं हैं. चयनित अग्निवीरों में से निर्धारित प्रक्रिया के तहत 25 प्रतिशत को नियमित भारतीय सेना में आगे सेवा का अवसर मिलेगा.

इसके अलावा केंद्र और विभिन्न राज्य सरकारों ने पूर्व अग्निवीरों को अन्य सेवाओं और विभागों में अवसर देने के लिए अलग-अलग प्रावधान किए हैं. उन्होंने कहा कि सेना में चार वर्ष की सेवा के दौरान अग्निवीर कठिन और दुर्गम परिस्थितियों में काम करने का अनुभव प्राप्त करता है.

चाहे ऊंचे पर्वतीय क्षेत्र हों, रेगिस्तान, जंगल, कठिन इलाकों में तैनाती या अन्य चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां- सेना में मिला प्रशिक्षण और अनुभव युवाओं के कौशल को मजबूत बनाता है. यही अनुभव भविष्य में किसी भी संगठन और क्षेत्र में उनके लिए उपयोगी साबित हो सकता है.

मेजर मनीष कुमार ने यह भी बताया कि सेवा के दौरान अग्निवीरों को कौशल और शैक्षणिक योग्यता से जुड़े प्रमाणपत्र भी मिलते हैं, जिससे सेवा के बाद उनके करियर के नए अवसर खुलने में मदद मिलती है.

सहारनपुर की इस भर्ती रैली में युवाओं का जोश और सेना में शामिल होकर देशसेवा का जज्बा साफ दिखाई दे रहा है. दौड़ ट्रैक पर पसीना बहाते हजारों युवाओं के लिए यह रैली सिर्फ भर्ती परीक्षा नहीं, बल्कि भारतीय सेना की वर्दी पहनकर देश की सेवा करने के सपने को साकार करने का महत्वपूर्ण पड़ाव है.

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