ई-कॉमर्स कंपनियों से सामान मंगाना तो एक आम बात है, लेकिन क्या महज 120 रुपए के मोबाइल कवर के विवाद में किसी को सीधे जेल भेजा जा सकता है. सुनने में काफी अजीब लग रहा होगा, लेकिन ऐसा मध्य प्रदेश में हुआ है. मामला मध्य प्रदेश के पन्ना से है जहां से ये चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां प्रशासनिक पावर का कथित तौर पर दुरुपयोग देखकर हर कोई हैरान है.
पूरा मामला पन्ना जिला मुख्यालय से सौ किलोमीटर दूर शाहनगर का हे. शाहनगर में पदस्थ SDM रामनिवास चौधरी पर आरोप लगा है कि उन्होंने एक डिलीवरी बॉय के साथ विवाद होने के बाद, उसे पुलिस बुलाकर जेल भिजवा दिया. इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद हड़कंप मच गया है.
शाहनगर SDM रामनिवास चौधरी ने ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म 'फ्लिपकार्ट' (Flipkart) से करीब 120 रुपए की कीमत वाले मोबाइल के दो कवर ऑर्डर किए थे. जब डिलीवरी बॉय विजय कुशवाहा सामान लेकर पहुंचा, तो पैकेट में दो के बजाय केवल एक ही कवर निकला.
डिलीवरी बॉय विजय का कहना है कि उसने इसे लॉजिस्टिक या तकनीकी गलती बताते हुए नियम के मुताबिक सामान वापस (Return Process) करने की बात कही, लेकिन आरोप है कि इसी बात पर SDM साहब नाराज हो गए और डिलीवरी बॉय के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज की गई.
SDM साहब ने मौके पर शाहनगर थाना पुलिस को बुला लिया गया. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए डिलीवरी बॉय विजय कुशवाहा को हिरासत में लिया और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170 (पहले CRPC धारा 151) के तहत चालान बनाकर पवई उप-जेल भेज दिया. घटना के बाद पीड़ित डिलीवरी बॉय ने एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया, जो अब जमकर वायरल हो रहा है.
वीडियो सामने आते ही लोगों में गुस्सा देखा जा रहा है और सोशल मीडिया पर लोग प्रशासनिक अधिकारी के इस रवैये पर सवाल उठा रहे हैं. इस मामले पर शाहनगर थाना प्रभारी परशुराम डावर ने बताया कि SDM कार्यालय से सूचना मिलने पर पुलिस टीम भेजी गई थी. SDM की तरफ से शिकायत की गई थी कि डिलीवरी बॉय ने उनके साथ अभद्रता की है, जिसके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की गई. दूसरी तरफ, पीड़ित युवक का साफ़ तौर पर कहना है कि कंपनी की गलती की सजा उसे भुगतनी पड़ी और उसके साथ नाइंसाफी हुई है.