PM की अपील का असर, सूरत नगर निगम ने शुरू की फ्यूल सेविंग मुहिम, 29 हजार कर्मचारी गाड़ी शेयरिंग कर करेंगे काम

देशभर में ईंधन बचाने और पर्यावरण संरक्षण को लेकर चल रही पहल के बीच सूरत महानगरपालिका ने एक बड़ा और अनोखा फैसला लिया है. महानगरपालिका के कमिश्नर एम. नागराजन के नेतृत्व में अब कार पूलिंग अभियान शुरू किया जाएगा. इस अभियान में महानगरपालिका के करीब 29 हजार कर्मचारी और अधिकारी भाग लेंगे. खास बात यह है कि इसमें क्लास-4 कर्मचारी, सफाई कामदार से लेकर कमिश्नर स्तर तक के अधिकारी शामिल होंगे.

Surat SMC Decision
gnttv.com
  • सूरत ,
  • 14 मई 2026,
  • अपडेटेड 9:41 PM IST

देशभर में ईंधन बचाने और पर्यावरण संरक्षण को लेकर चल रही पहल के बीच सूरत महानगरपालिका ने एक बड़ा और अनोखा फैसला लिया है. महानगरपालिका के कमिश्नर एम. नागराजन के नेतृत्व में अब कार पूलिंग अभियान शुरू किया जाएगा. इस अभियान में महानगरपालिका के करीब 29 हजार कर्मचारी और अधिकारी भाग लेंगे. खास बात यह है कि इसमें क्लास-4 कर्मचारी, सफाई कामदार से लेकर कमिश्नर स्तर तक के अधिकारी शामिल होंगे.

एक वाहन में साथ जाएंगे अधिकारी और कर्मचारी
कमिश्नर एम. नागराजन ने बताया कि सूरत महानगरपालिका में बड़ी संख्या में कर्मचारी टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर से कार्यालय आते हैं. इसके अलावा सरकारी कामकाज के लिए भी बड़ी संख्या में वाहनों का उपयोग होता है. ऐसे में प्रधानमंत्री के ईंधन बचत अभियान से प्रेरित होकर महानगरपालिका ने स्वैच्छिक कार पूलिंग लागू करने का निर्णय लिया है.

अब कर्मचारी और अधिकारी घर से ऑफिस आने-जाने के दौरान एक साथ वाहन साझा करेंगे. वहीं फील्ड विजिट के दौरान भी अलग-अलग वाहन ले जाने के बजाय सभी अधिकारी और कर्मचारी एक ही वाहन में जाएंगे. इससे कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ेगा और डीजल-पेट्रोल की खपत में भी कमी आएगी.

हर दिन हजारों लीटर डीजल बचने का अनुमान
एम. नागराजन के मुताबिक अगर 10 से 20 प्रतिशत कर्मचारी भी नियमित रूप से कार पूलिंग अपनाते हैं तो इसका बड़ा असर देखने को मिलेगा. उनका अनुमान है कि करीब 4 हजार लोगों की भागीदारी से लगभग 2 हजार वाहनों का उपयोग कम हो सकता है. उन्होंने बताया कि शहर में औसतन 15 किलोमीटर की यात्रा होती है. ऐसे में एक वाहन में लगभग 3 लीटर तक ईंधन की बचत संभव है. इस हिसाब से प्रतिदिन 3 हजार से 4 हजार लीटर डीजल बचाया जा सकता है.

इलेक्ट्रिक बसों से बढ़ेगा ग्रीन ट्रांसपोर्ट
सूरत महानगरपालिका इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को भी तेजी से बढ़ा रही है. कमिश्नर ने बताया कि अगले 3 से 4 महीनों में पीएम ई-ड्राइव कार्यक्रम के तहत लगभग 600 इलेक्ट्रिक बसें सूरत को मिलने वाली हैं. इसके बाद शहर की करीब 70 प्रतिशत बसें इलेक्ट्रिक हो जाएंगी. इससे न केवल ईंधन की बचत होगी बल्कि सूरत में ग्रीन ट्रांसपोर्ट को भी मजबूती मिलेगी.

रिपोर्टर: संजय सिंह राठौड़

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