महाराष्ट्र के नासिक का स्वयंभू बाबा अशोक खरात महिलाओं के शोषण, धार्मिक अनुष्ठानों के नाम पर उगाही और ब्लैकमेलिंग के आरोपों में पुलिस की गिरफ्त में है. पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि बाबा एक महंगे शहद को बेचने का भी काम करता था. ये शहद काफी दुर्लभ है. ये शहद लाखों रुपए में बिकती है और बहुत ही कम मात्रा में पाई जाती है. चलिए आपको इस जादुई एल्विश शहद के बारे में बताते हैं.
महंगा होता है एल्विश शहद-
एल्विश शहद दुनिया के सबसे महंगे शहद में से एक है. इसकी कीमत लाखों में होती है. इसकी कीमत 9 लाख रुपए प्रति किलोग्राम तक हो सकती है. इस शहद का इस्तेमाल सदियों से किया जा रहा है. ये बहुत ही फायदेमंद होता है.
1800 मीटर गहरी गुफा से निकाला जाता है-
एल्विश शहद तुर्की के पूर्वोत्तर हिस्सा के आर्टविन शहर में पाया जाता है. यह 1800 मीटर गहरी गुफा में बनता है. इसे साल में सिर्फ एक बार निकाला जाता है. यह शहद आर्टिफिशियल छत्तों में नहीं बनाया जा सकता. इसे काला सागर में रहने वाली मधुमक्खियां प्राकृतिक तौर पर तैयार करती हैं. इस गुफा तक पहुंचना जोखिम भरा और कठिन है. इसको निकालने के लिए पेशेवर पर्वतारोहियों की मदद ली जाती है. यह औषधीय गुणों से भरपूर होती है.
कड़वा होता है एल्विश शहद-
इस शहद को चमत्कारी दवा माना जाता है. इसमें एंटीऑक्सीडेंट, मैग्नीशियम और पोटेशियम जैसे पोषक तत्व होते हैं. यह शहद हल्का कड़वा होता है. ये शहद आम शहद से अलग होता है. आम शहद मीठा होता है. लेकिन ये शहद थोड़ा कड़वा होता है.
तुर्किए खाद्य संस्थान इस शहद की गुणवत्ता की जांच करता है. वो ये सुनिश्चित करता है कि कस्टमर तक सिर्फ उच्च गुणवत्ता वाला शहद ही पहुंचे. इस शहद की सीमित उपलब्धता इसे और भी स्पेशल बनाती है. इसकी वजह से भी इसकी कीमत बढ़ जाती है.
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