Advertisement

काशी में हुआ AIR SHOW का हुआ आगाज, गंगा के ऊपर 100 विमानों का जलवा, राफेल से तेजस तक ने दिखाया दम

नमो घाट से शुरू हुए 'विंग्स ओवर गंगा' एयर शो को देखने के लिए गंगा के दोनों किनारों पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे. इस आयोजन ने न सिर्फ भारतीय वायुसेना की ताकत दिखाई, बल्कि युवाओं और बच्चों को देश की सेवा करने के लिए भी प्रेरित किया.

Wings Over Ganga
रोशन जायसवाल
  • वाराणसी ,
  • 22 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 4:32 PM IST

वाराणसी में गुरुवार, 22 अक्टूबर को गंगा के ऊपर भारतीय वायुसेना के विमानों ने ऐसा नजारा दिखाया कि लोग देखते रह गए. लड़ाकू विमानों की गूंज, हेलीकॉप्टरों के हैरतअंगेज करतब और आसमान में तिरंगे के रंगों ने काशी के लोगों का दिल जीत लिया. नमो घाट से शुरू हुए 'विंग्स ओवर गंगा' एयर शो को देखने के लिए गंगा के दोनों किनारों पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे. इस आयोजन ने न सिर्फ भारतीय वायुसेना की ताकत दिखाई, बल्कि युवाओं और बच्चों को देश की सेवा करने के लिए भी प्रेरित किया.

100 विमानों और हेलीकॉप्टरों ने दिखाया दम
भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित इस एयर शो में कुल 100 विमान और हेलीकॉप्टर हिस्सा ले रहे हैं. इनमें 52 लड़ाकू विमान, 15 परिवहन विमान, 32 हेलीकॉप्टर और एक विरासत विमान शामिल हैं. राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिग-29 और स्वदेशी तेजस जैसे लड़ाकू विमानों ने अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया. वहीं, सूर्य किरण एरोबेटिक टीम और सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम के शानदार करतबों ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया.

युवाओं और बच्चों में दिखा खास उत्साह
इस एयर शो का मकसद वायुसेना की ताकत दिखाने के साथ युवाओं को विमानन, विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना भी है. विमानों की सटीक उड़ान और पायलटों के शानदार तालमेल को देखकर बच्चे और युवा काफी उत्साहित नजर आए. कई युवाओं ने कहा कि इस प्रदर्शन ने उन्हें भारतीय वायुसेना में शामिल होने के लिए प्रेरित किया है.

25 अक्टूबर को होगा मुख्य कार्यक्रम
'विंग्स ओवर गंगा' एयर शो का आयोजन 22, 24 और 25 अक्टूबर को होना है. 25 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है. बड़ी संख्या में दर्शकों के पहुंचने को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात, पार्किंग और चिकित्सा सुविधाओं के इंतजाम किए हैं. काशी के ऐतिहासिक घाटों और गंगा की पृष्ठभूमि में हो रहा यह आयोजन देश की सैन्य ताकत और आधुनिक तकनीक का शानदार प्रदर्शन बन गया है.

ये भी पढ़ें: 

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement