समस्तीपुर में महिलाओं को घर के नजदीक न्याय दिलाने की पहल के तहत बिहार राज्य महिला आयोग ने 'महिला आयोग आपके द्वार' कार्यक्रम के अंतर्गत दो दिवसीय कैंप लगाया. परिसदन में आयोजित इस जनसुनवाई में कुल 212 लंबित मामलों की सुनवाई शुरू की गई. पहले दिन 176 मामलों में दोनों पक्षों को सुना गया, जबकि बाकी मामलों पर दूसरे दिन सुनवाई की जाएगी. नए आवेदन भी स्वीकार किए जा रहे हैं.
समाधान सुनिश्चित करना है मकसद
कैंप में दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, मारपीट और शारीरिक शोषण जैसे मामलों पर विशेष रूप से सुनवाई हुई. आयोग की अध्यक्ष अप्सरा मिश्रा ने कहा कि सुनवाई का मकसद सिर्फ पक्षों को सुनना नहीं, बल्कि मौके पर समाधान सुनिश्चित करना है. जिन मामलों में समझौता या समाधान संभव नहीं होगा, उनमें सख्त कार्रवाई की जाएगी.
जिलों में ही बेंच लगाकर सुनवाई शुरू
अध्यक्ष ने बताया कि समस्तीपुर से पटना की दूरी करीब 100 किलोमीटर है. ऐसे में कई पीड़ित महिलाएं राजधानी तक पहुंचने में असमर्थ रहती हैं. इसी वजह से आयोग ने जिलों में ही बेंच लगाकर सुनवाई शुरू की है, ताकि महिलाओं की परेशानी कम हो और उन्हें त्वरित न्याय मिल सके.
तीन हजार से अधिक महिलाओं को मिला न्याय
आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 8 महीनों में आयोग ने पूरे बिहार में साढ़े तीन हजार से अधिक महिलाओं को न्याय दिलाया है. इससे पीड़ितों के बीच भरोसा बढ़ा है और आयोग में शिकायतों की संख्या भी बढ़ी है. अब देखना होगा कि महिलाओं की बढ़ती उम्मीदों पर यह पहल कितनी खरी उतरती है.