उत्तर प्रदेश के बांदा में साइबर ठगी का एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है. DM के नाम से ही ठगी को अंजाम दिया गया. लेकिन पुलिस भी पीछे नहीं रही. पुलिस ने जाल बिछाया और ठग को पैसे लेते समय ही दबोच लिया. आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है.
DM के नाम पर ठगी-
एक शख्स ने साइबर ठगी के लिए खतरनाक तरीका अपनाया. ठग ने जिले के DM अमित आसेरी के नाम से फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाया और लोगों को ठगने का प्रयास किया. ठग ने पैसा तो मांग लिया, लेकिन जब वो पैसा लेने पहुंचा तो पुलिसे के जाल में फंस गया.
जेल पहुंच गया ठग-
पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने जुर्म स्वीकार किया है. पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अफसरों के नाम से फर्जी अकाउंट बनाकर लोगों को झांसे में लेकर ठगी करने का काम करता है. फिलहाल पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.
पुलिस की लोगों से अपील-
बांदा पुलिस ने सभी से अपील की है कि किसी फेक अकाउंट के झांसे न आएं, पैसा मांगने की स्थिति में तत्काल पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराए.
कैसे हुआ खुलासा?
ठग ने बांदा के डीएम अमित आसेरी के नाम से एक सोशल मीडिया अकाउंट 'अमित आसेरी आईएएस' बना. इस अकाउंट से ठग लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजना शुरू किया. इसके बाद लोगों को जाल में फंसाकर पैसे ऐंठने का काम किया गया. लेकिन लोगों ने इसकी जानकारी डीएम ऑफिस को दी.
जैसे ही ये मामला संज्ञान में आया, डीएम ने पुलिस को अलर्ट किया. पुलिस ने फौरन मामला दर्ज किया और आरोपी की तलाश शुरू की. इस दौरान ठग ने पीड़ित से पैसे मांगे और पैसे लेने जा रहा था. इस बीच पुलिस ने जाल बिछाया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.
राजस्थान का रहने वाला है आरोपी-
आरोपी ने पूछताछ की में अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है. उसने बताया कि वो राजस्थान का रहने वाला है. कई आईएएस, आईपीएस अफसरों के फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर ठगी करता है. फिलहाल पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है.
SP पलाश बंसल ने बताया कि फेक अकाउंट के बारे में पुलिस टीमों को लगाया गया था. सोशल मीडिया में पेज डिलीट करने की कार्रवाई भी जारी है. मुकदमा दर्ज किया गया है. आरोपी को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया है.
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