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Rajkot: 60 लाख की पॉलिसी के लिए कराई पिता की हत्या, विदेश जाने के लिए चाहिए थे पैसे.. चचेरे भाई को ही दी थी सुपारी

राजकोट में एक बेटे ने अपनी विदेश जाने की लालसा को पूरा करने के लिए अपने चचेरे भाई को पिता की सुपारी दे डाली. उसने भाई को पिता की सुपारी पूरे 1 लाख रुपए में दी.

मृतक
gnttv.com
  • राजकोट,
  • 12 दिसंबर 2025,
  • अपडेटेड 9:01 AM IST

राजकोट जिले से बाप-बेटे के रिश्तों को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है. जहां पर एक बेटे ने अपनी विदेश जाने की लालसा को पूरा करने के लिए अपने चचेरे भाई को पिता की सुपारी दे डाली. उसने भाई को पिता की सुपारी पूरे 1 लाख रुपए में दी. 9 दिसंबर 2025 को पुलिस को जानकारी मिली की राजकोट जिले के उपलेटा तालुका के चारेलिया गांव के बाहरी इलाके में 50 वर्षीय कानाभाई जोग की अचानक मौत हुई है. शुरुआत जानकारी में मृतक के भतीजे विरम जोग ने बताया कि उनके चाचा का राजपरा से धंक गांव जाते समय एक दुर्घटना में एक्सीडेंट हो गया था और खेत से उन्हें लाते समय उनकी मौत हो गई.

बेटी की शिकायत से सुलझी गुत्थी
पुलिस को शुरू से पूरी घटना संदिग्ध लगने के कारण पुलिस ने जांच की और पता चला कि विरम जोग ने अपने चाचा की हत्या की थी. इसलिए मृतक काना जोग की 22 वर्षीय बेटी देवी जोग ने राजकोट ग्रामीण के भायावदर पुलिस स्टेशन में अपने चचेरे भाई विरम जोग के खिलाफ धारा 103 (1), 217 (बी) और बीएनएस की अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कराया. पुलिस द्वारा पूछताछ किए जाने पर विराम ने बताया कि मृतक काना जोग के बेटे रामदे जोग ने उसे हत्या के लिए सुपारी दी थी. इसके बाद भायावदर पुलिस ने मृतक के 25 वर्षीय बेटे रामदे जोग और 39 वर्षीय भतीजे विरम जोग को इस मामले में गिरफ्तार कर लिया.

60 लाख की पॉलिसी का था लालच
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि रामदे जोग को नौकरी के लिए इजराइल जाना था. जिसके लिए लगभग 16 लाख रुपये खर्च होने था. लगभग एक साल पहले रामदे ने अपने पिता के नाम पर एचडीएफसी कंपनी की एक बीमा पॉलिसी भी ली थी. जिसमें उसके पिता की मृत्यु होने पर उसे 60 से 70 लाख रुपए मिलने थे. इसलिए उसने अपने चचेरे भाई विरम जोग को अपने पिता की हत्या करने की सुपारी दी. उसने यह भी कहा कि हत्या के बदले में वह एक लाख रुपये देगा और उसे जीवन भर खाना खिलाएगा. इसलिए विरम अपने चाचा कानाभाई की हत्या करने के लिए राजी हो गया. साजिश के अनुसार आरोपियों ने हत्या को एक दुर्घटना दिखाने की योजना बनाई थी. 

पहला हत्या का प्रयास हुआ फेल
8 दिसंबर को विरमने चूहे और कीड़े मारने वाली दवा को ठंडे पेय में मिलाकर अपने चाचा कानाभाई को पिलाया. लेकिन कानाभाई को उल्टी हो गई और सारी दवा बाहर निकल गई, जिससे उनकी मृत्यु नहीं हुई. इस विफलता के बाद, रामदे ने विरम को अपने पिता को कुल्हाड़ी से मारने के लिए कहा. 9 दिसंबर को विरम अपने चाचा कानाभाई को मोटरसाइकिल पर खेत में ले गया, जहां उसने उन्हें शराब पिलाई एक कमरे में सुलाया और फिर कुल्हाड़ी से उनके सिर पर वार करके उनकी हत्या कर दी. हत्या के बाद, दोनों भाइयों ने अपराध को छिपाने के लिए पुलिस और अन्य लोगों को झूठी सूचना दी कि एक वाहन दुर्घटना हुई थी. पुलिस ने आरोपी दोनों भाईओं को गिरफ्तार कर लिया है.

- ब्रिजेश दोशी की रिपोर्ट

 

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