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Mahoba: फ्री फायर गेम की लत का खौफनाक अंजाम, नाबालिग ने घर में ही कर डाली 40 हजार रुपए और गहनों की चोरी

नाबालिग को गेम खलने की ऐसी लत लगी, जिसने उसे खुद ही के घर में चोरी करने के लिए मजबूर कर दिया. जानें क्या है पूरा मामला.

महोबा थाना
gnttv.com
  • महोबा ,
  • 24 दिसंबर 2025,
  • अपडेटेड 3:01 PM IST
  • फ्री फायर गेम की लत का खौफनाक अंजाम
  • 12 साल का बच्चा बना चोर
  • कर डाली 40 हजार रुपए और गहनों की चोरी

उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां ऑनलाइन मोबाइल गेम की लत ने महज 12 वर्षीय किशोर को अपराध की राह पर धकेल दिया. गेम खेलने की लत इतनी बढ़ गई कि उसने अपने ही घर में चोरी कर ली और दोस्त के साथ फरार हो गया.

घर से नकदी और आभूषण लेकर हुआ फरार
घटना 17 दिसंबर की रात की है. किशोर ने अपने घर में रखे करीब 40 हजार रुपये नकद और लगभग तीन लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के आभूषण चुरा लिए. चोरी के बाद वह अपने एक साथी के साथ घर से निकल गया. सुबह जब परिवार को इसकी जानकारी हुई तो घर में हड़कंप मच गया.

अपहरण की आशंका, पिता ने लगाया आरोप
किशोर के अचानक गायब होने से परिवार बेहद परेशान हो गया. पिता प्रेमचंद साहू ने भटीपुरा इलाके के ही एक लड़के पर अपने बेटे के अपहरण का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और किशोर की तलाश तेज कर दी.

छह दिन बाद सामने आई पूरी सच्चाई
लगातार छह दिन की तलाश के बाद किशोर अपने साथी के साथ मिला. जब पुलिस और परिजनों ने उससे पूछताछ की, तो पूरी कहानी सामने आई. किशोर ने बताया कि मोहल्ले की एक महिला अपने घर में बच्चों से प्रतिदिन 300 रुपये लेकर मोबाइल पर "फ्री फायर" गेम खिलवाती थी. किशोर को यह गेम इतना पसंद आ गया कि वह उधार लेकर भी खेलने लगा. धीरे-धीरे उस पर गेम खेलने की रकम बकाया हो गई. इसी रकम को चुकाने के लिए उसने अपने ही घर में चोरी करने की योजना बना ली. चोरी की गई नकदी का एक हिस्सा उसने महिला के बेटे को दे दिया.

आभूषण बेचकर गुड़गांव पहुंचा
किशोर ने कुछ आभूषण कानपुर में बेच दिए और इसके बाद अपने साथी के साथ गुड़गांव चला गया. सूचना मिलने पर परिवार ने उसे वापस बुलाया और कोतवाली में पेश किया. पूरी घटना सुनकर पुलिस भी हैरान रह गई.

कार्रवाई की मांग
अब परिवार और स्थानीय लोग उस महिला के खिलाफ पूछताछ और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. लोगों का कहना है कि इस तरह बच्चों को पैसे लेकर गेम खिलाना गलत है और इससे बच्चों में अपराध की प्रवृत्ति बढ़ सकती है.

(रिपोर्ट-  रेनू श्रीवास्तव)

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