आर्थिक धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों के बीच राजकोट में एक और बड़ा घोटाला सामने आया है. दुबई में रजिस्टर्ड बताई गई एक ट्रेडिंग कंपनी में हर महीने 4 से 5% रिटर्न देने का लालच देकर निवेशकों से 1.5 करोड़ रुपये से ज्यादा की अधिक की ठगी की है. राजकोट पुलिस की आर्थिक अपराध निवारण शाखा (EOW) ने मामले में गौरांग खुंट और अरविंद खुंट को गिरफ्तार कर लिया है.
पीड़ित ने बताई ठगी की पूरी कहानी
शिकायतकर्ता वीरेंद्रसिंह ने पुलिस को बताया कि उनकी मुलाकात लगभग 10 वर्ष पहले सागर खुंट से हुई थी. दोस्ती बढ़ने के बाद वर्ष 2023 में सागर ने दावा किया कि उसने दुबई में ट्रेडिंग शुरू की है और उसकी कंपनी "Nisha Investment Consultants-FZCO" निवेश पर अच्छा मुनाफा देती है.
उसने वादा किया कि निवेश करने पर हर महीने 4 से 5% का रिटर्न मिलेगा. कंपनी के लेन-देन का काम राजकोट में उसके परिवार, पिता, माता और चचेरे भाई, द्वारा संभाला जाने की बात भी कही गई. भरोसे में आकर विरेंद्रसिंह ने किस्तों में 56,43,500 रुपये निवेश कर दिए. मार्च 2025 तक उन्हें हर महीने 4 से 4.50% का रिटर्न भी दिया गया, कुल मिलाकर 11,53,200 रुपये. लेकिन अभी भी 44,90,300 रुपये बकाया हैं, जो वापस नहीं किए गए.
अन्य निवेशकों से भी की गई ठगी
नियमित रिटर्न मिलता देख विरेंद्रसिंह के अन्य मित्रों ने भी निवेश कर दिया. कुल मिलाकर सागर खुंट की कंपनी में 1,74,93,500 रुपये का निवेश किया गया. इसके बदले सागर ने केवल 26,77,400 रुपये लौटाए. बाकी 1.48 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वापस नहीं की गई और धोखाधड़ी सामने आई.
दो आरोपी गिरफ्तार, दो अब भी फरार
आर्थिक अपराध शाखा ने बताया कि अरविंद खुंट को सूरत से और गौरांग खुंट को राजकोट से गिरफ्तार किया गया है. दोनों को तीन दिन की रिमांड पर लिया गया है. वहीं, मुख्य आरोपी सागर खुंट और उसकी मां ज्योत्सना खुंट वांछित हैं. पुलिस उनकी तलाश में छापेमारी कर रही है.
5 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी का शक
पुलिस जांच में सामने आया है कि खुंट परिवार ने लगभग 15 और लोगों से भी इसी तरह निवेश के नाम पर ठगी की है. अधिकारियों का अनुमान है कि धोखाधड़ी की कुल राशि 5 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है. हालांकि अभी तक सभी पीड़ितों ने शिकायत दर्ज नहीं करवाई है.
पुलिस ने किन धाराओं में केस दर्ज किया
राजकोट शहर के DCB पुलिस स्टेशन में आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 316(5), 3(5), गुजरात जमाकर्ता हित संरक्षण अधिनियम की धारा 3 के तहत मामला दर्ज किया गया है. साथ ही पुलिस आरोपी परिवार के बैंक खातों की जांच कर रही है, ताकि ठगी की वास्तविक राशि का पता लगाया जा सके.
(रिपोर्ट- ब्रिजेश दोशी)
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