नहाने के बाद तौलिये से बॉडी को सुखाना हमारी रोज की आदत है. साथ ही हमारी चाह होती है तौलिया साफ सुथरी भी हो. लेकिन कई लोगों में आदत होती है कि वह कई दिनों तक एक ही तौलिये को इस्तेमाल करते हैं और फिर उसे हफ्ते में एक बार धोते हैं. लेकिन क्या यह सही तरीका है?
तौलिये को लंबे समय तक बिना धोए इस्तेमाल करना ठीक नहीं है. तौलिये में नमी, पसीना, स्किन की गंदगी और कई तरह के कीटाणु जमा हो सकते हैं. तो ऐसे में सवाल है कि क्या हमें तौलिये को रोज धोना चाहिए?
आम तौर पर नहाने वाले तौलिये को 3 से 4 बार इस्तेमाल करने के बाद धोना चाहिए. अगर तौलिया हर बार इस्तेमाल के बाद पूरी तरह सूख जाता है, तो इसे कुछ और बार इस्तेमाल किया जा सकता है. लेकिन हफ्ते में कम से कम एक बार तौलिया धोना जरूरी माना जाता है. यानी रोज नहाने वाले व्यक्ति को सप्ताह में एक या दो बार तौलिया बदलना चाहिए.
तौलिये को इस्तेमाल करने के बाद उसे अच्छी तरह सुखाना बहुत जरूरी है. गीला तौलिया लंबे समय तक पड़ा रहने पर उसमें बैक्टीरिया और फंगस तेजी से बढ़ सकते हैं. इसलिए तौलिये को मोड़कर या गंदे कपड़ों के ढेर में रखने के बजाय उसे पूरी तरह फैलाकर सुखाएं. तौलिया को बार पर फैलाकर रखना बेहतर रहता है. इससे वह दोनों तरफ से आसानी से सूख जाता है.
हाथ पोंछने वाले तौलिये को नहाने वाले तौलिये की तुलना में जल्दी बदलना चाहिए. इसका इस्तेमाल बार-बार होता है और कई लोग इसे छूते हैं. ऐसे में इसमें कीटाणु जमा होने के चांस ज्यादा होते हैं. जिम में इस्तेमाल होने वाले तौलिये को भी ज्यादा समय तक इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, खासकर जब उसमें पसीना लगा हो.
अगर किसी व्यक्ति को स्किन इंफेक्शन, सर्दी-जुकाम या कोई दूसरी बीमारी है, तो तौलिया ज्यादा बार बदलना चाहिए. शरीर पर घाव, कट या स्किन से जुड़ी परेशानी होने पर भी साफ तौलिये का इस्तेमाल करना बेहतर है. ऐसे मामलों में तौलिया किसी दूसरे व्यक्ति के साथ शेयर नहीं करना चाहिए.
तौलिया को केवल धोना काफी नहीं है. उसके लिए जितना जरूरी धोना है, उससे ज्यादा जरूरी ड्राय करना है. साथ ही धोते समय जरूरत से ज्यादा डिटर्जेंट या फैब्रिक सॉफ्टनर का इस्तेमाल न करें, क्योंकि इससे तौलिये की पानी सोखने की शक्ति कम हो सकती है. अगर तौलिये से बार-बार बदबू आती है, तो उसे अच्छी तरह धोने के साथ समय पर बदलना भी जरूरी है.