Advertisement

बस्ती में ‘बंटी-बबली’ जोड़ी का काला खेल बेनकाब, पति-पत्नी मिलकर करते थे करोड़ों की मॉर्फिन तस्करी

यह मामला न केवल पुलिस की सतर्कता का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे आम दिखने वाले लोग भी संगठित अपराध में शामिल हो सकते हैं. बस्ती में ‘बंटी और बबली’ की यह सच्ची कहानी बताती है कि कानून के शिकंजे से बचना नामुमकिन है- चाहे अपराधी कितने भी चालाक क्यों न हों.

Bunty-Babli
gnttv.com
  • बस्ती ,
  • 12 अगस्त 2025,
  • अपडेटेड 4:04 PM IST

उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में पुलिस ने एक ऐसी असली ज़िंदगी की ‘बंटी और बबली’ जोड़ी का भंडाफोड़ किया है, जो पति-पत्नी के रिश्ते में तो थे, लेकिन उनका धंधा पूरी तरह काला और खतरनाक था. यह दंपत्ति घर का खर्च चलाने के बहाने नशे के कारोबार में उतर आया था और अवैध मॉर्फिन की तस्करी करके मोटा मुनाफा कमाता था.

इस अनोखे अपराधी जोड़े में पति का काम था- मॉर्फिन की खेप को बाहर से लाना, जबकि पत्नी उस नशे को ग्राहकों तक पहुँचाने का ‘सेल्स’ का काम करती थी. पुलिस के मुताबिक, ये दोनों लंबे समय से इस अवैध कारोबार में सक्रिय थे और संगठित नशा तस्करी गिरोह से जुड़े हुए थे.

मुखबिर की सूचना से खुला राज

बस्ती पुलिस को यह सफलता एक पुख्ता इनपुट मिलने के बाद मिली. मुखबिर ने सूचना दी थी कि एक स्विफ्ट डिज़ायर कार में नशे की बड़ी खेप ले जाई जा रही है. इस पर थाना परसरामपुर पुलिस और स्वाट टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए अरजानीपुर रोड पर जाल बिछाया. थोड़ी देर बाद जैसे ही संदिग्ध कार वहाँ पहुँची, पुलिस ने उसे रोक लिया.

कार में बैठे लोगों से जब पूछताछ की गई तो वे घबराने लगे और स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए. शक गहराने पर पुलिस ने कार की सघन तलाशी ली. कार की पिछली सीट के नीचे एक प्लास्टिक का झोला छिपा मिला, जिसे खोलते ही पुलिसकर्मी भी दंग रह गए- उसमें 1 किलो 10 ग्राम अवैध मॉर्फिन थी, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई.

पति-पत्नी निकले तस्कर

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रामअधार यादव और उसकी पत्नी गुड़िया के रूप में हुई. पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वे मॉर्फिन की तस्करी कर रहे थे और यह खेप लोलपुर गोप के पास से लाई गई थी. उन्होंने यह भी माना कि वे खुद भी इस नशे का सेवन करते हैं.

पुलिस ने आरोपियों के पास से 4,200 रुपये नकद और दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं, जिनका उपयोग वे अपने नेटवर्क से संपर्क के लिए करते थे. तस्करी में इस्तेमाल हुई स्विफ्ट डिज़ायर कार को भी जब्त कर लिया गया है.

संगठित गिरोह से जुड़े होने का शक

पुलिस अधीक्षक अभिनंदन ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि यह दंपत्ति एक बड़े नशा तस्करी नेटवर्क का हिस्सा है, जो विभिन्न जिलों और राज्यों में सक्रिय है. मॉर्फिन जैसी खतरनाक और प्रतिबंधित दवा का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवैध व्यापार में होता है.

उन्होंने कहा, "हमने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है और अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुँचने के लिए गहन जांच की जा रही है."

करोड़ों का नशे का धंधा और बढ़ता खतरा

मॉर्फिन का अवैध व्यापार न केवल कानून के लिए चुनौती है, बल्कि समाज के लिए भी गंभीर खतरा है. इस नशे का सेवन करने वाले लोग जल्दी लत के शिकार हो जाते हैं और अपराध की ओर बढ़ते हैं. बस्ती पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बड़े नेटवर्क के सिरों को उजागर करने का रास्ता खोला है.

पुलिस अब मॉर्फिन की आपूर्ति करने वाले स्रोत, ग्राहकों और गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करने में जुटी है. एसपी अभिनंदन ने साफ कहा कि जिले में नशे के कारोबार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी.

(संतोष कुमार सिंह)

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement