Gardening Tips: मोगरे के सफेद फूल देखने में बहुत ही सुंदर लगते हैं. ये फूल सुगंधित भी बहुत होते हैं. मोगरे के फूल अपनी खुशबू से घर के पूरे वातावरण को ताजगी से भर देते हैं. मोगरे के फूलों का इस्तेमाल जहां गजरे, इत्र और अगरबत्ती बनाने में किया जाता है, वहीं इसके औषधीय गुणों के कारण कई दवाइयों को बनाने में भी इसका यूज होता है. मोगरे का फूलों से स्किन और बालों से जुड़ी कई समस्याओं को दूर किया जा सकता है. यदि आपने मोगरे का पौधा लगाया है और इसमें फूल नहीं आ रहे हैं तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. हम आपको दो ऐसी चीजों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें मोगरे के पौधों की जड़ों में डालने से आपका मोगरे का पौधा फूलो से भर जाएगा. जी हां, सरसों की खली और चूने का जादुई मिश्रण आपके मोगरे के पौधे में जान भर देगा. आपको मालूम हो कि मोगरे के पौधे को सही धूप, समय-समय पर पानी और कटाई-छंटाई व कीटों से सुरक्षा की भी जरूरत होती है.
मोगरे के पौधे में डालें सरसों की खली और चूना
मोगरे के पौधों के विकास के लिए और फूल आने के लिए खाद की विशेष जरूरत होती है. आप खाद के लिए सरसों की खली का इस्तेमाल कर सकते हैं. आप एक लीटर पानी में सिर्फ 100 ग्राम सरसों की खली को भिगोकर चार से पांच दिनों के लिए किसी छायादार पर जगह पर रख दीजिए. इसके बाद इस सरसों की खली के घोल को मोगरे के पौधे की जड़ों में डालना है. ध्यान रखें सरसों की खली के घोल को सीधे नहीं डालना है बल्कि इसे 1:20 के अनुपात में पानी के साथ मिलाकर डालना है.
इसका मतलब है कि एक हिस्सा सरसों की खली का घोल और 20 हिस्सा पानी होना चाहिए. सरसों की खली का घोल नाइट्रोजन और फास्फोरस का बहुत ही बेहतरीन स्रोत है. इस घोल को डालने के बाद मोगरे के पौधे में फूल भर जाएंगे. यदि आपको सरसों की खली के घोल को और असरदार बनाना है तो इसमें आप चूने को मिला सकते हैं. इस घोल में सिर्फ 10 ग्राम खाने वाला चूना मिला दें, फिर देखें कमाल. चूना कैल्शियम का अच्छा स्रोत है, जो शाखाओं को मजबूती देता है. ध्यान रखें सरसों की खली और चूने की मिश्रण वाली खाद को हर 15 दिन में सिर्फ एक बार ही यूज करना है. आपको मालूम हो कि मोगरे के पौधे में खाद डालने से पहले मिट्टी की गुड़ाई जरूर करें.
धूप और पानी का रखें ख्याल
मोगरे के पौधे को कितना धूप मिलना चाहिए और कब पानी डालना है इसका विशेष ध्यान रखना चाहिए. मोगरे के पौधे को दिन में कम से कम पांच से छह घंटे की सीधी धूप मिलनी चाहिए. गर्मी के मौसम में दोपहर की तीखी धूप से इस पौधे को बचाना जरूरी है. यदि मुमकिन हो तो दोपहर में इस पौधे को ऐसी जगह रखें, जहां सीधी धूप न आती हो. सुबह की धूप कलियां खिलाने के लिए अच्छी होती है. आपको मालूम हो मोगरे को नमी पसंद है, इसका मतलब यह नहीं है कि आप इसकी जड़ों में खूब पानी डाल दें. यदि आप ऐसा करेंगे तो मोगरे के पौधे की जड़े सड़ सकती हैं. ऐसे में मोगरे के पौधे वाले गमले की मिट्टी की ऊपरी परत सूखने पर ही पानी डालें.
पिंचिंग-प्रूनिंग और कीटों से सुरक्षा
मोगरे का पौधा हमेशा नई शाखाओं पर ही फूल देता है. ऐसे में फूल सूख जाए तो उसे तुरंत तोड़ दें. इसके बाद उस शाखा के ऊपरी हिस्से की पिंचिंग कर दें. इससे वहां से दो नई शाखाएं निकलेंगी और जितनी ज्यादा शाखाएं निकलेंगी, उतने ही ज्यादा फूल खिलेंगे. मोगरे के पौधे पर सूखे फूल उसकी ऊर्जा को कम करते हैं. मोगरे के पौधे को कीटों से बचाव करना भी जरूरी है. इसके लिए आप सप्ताह में एक दिन नीम के तेल को पानी में मिलाकर पौधे पर छिड़काव कर सकते हैं.