चाहे कोई भी पौधा हो, बस 2 बार डालिए ये चीज, 30 दिन में गमले में होगी फूलों की भरमार

अगर आपको होम गार्डनिंग का शौक है. लेकिन गमले में पौधों में फूल नहीं लगते हैं. चाहे आप कोई भी फूल गमले में लगाएं, लेकिन एक उपाय से पौधों में खूब फूल आने लगेंगे. चलिए उस खास तरीके के बारे में बताते हैं.

Gardening Tips
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 17 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 2:30 PM IST

कई लोगों को होम गार्डनिंग का शौक होता है. वो गमलों में पौधे लगा भी लेते हैं. कोई गुलाब के पौधे लगाता है तो कोई गुड़हल के पौधे लगाता है. लेकिन उनकी शिकायत रहती है कि पौधे बढ़ते ही नहीं हैं और जल्द ही सूख जाते हैं. कई पौधों में शुरुआत में अच्छी फ्लावरिंग देखने को मिलती है. लेकिन कुछ महीनों बाद फूल कम होने लगते हैं. लेकिन अब आपको इस समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा. एक महीने में इन पौधों में खूब फूल लगने लगेंगे. चलिए आपको तरीका बताते हैं.

धीरे-धीरे फूल क्यों होने लगते हैं कम?
कई बार देखा जाता है कि नर्सरी से खरीदे गए पौधों में शुरुआत में अच्छी ग्रोथ और फ्लावरिंग होती है, लेकिन बाद में इसमें कमी आने लगती है. ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि उनमें पहले से पोषण की पर्याप्त मात्रा दी गई होती है. यह पोषण करीब 2–3 महीने तक ही असर करता है. इसके बाद पौधों को दोबारा सही खाद और देखभाल की जरूरत होती है. अगर समय पर पोषण नहीं दिया जाए तो पौधे की पत्तियां बढ़ती हैं, लेकिन उसमें फूल कम होने लगते हैं.

अच्छी फ्लावरिंग के लिए 3 चीजों की होती है जरूरत-
पौधों की अच्छी फ्लावरिंग के लिए बोन मील, एप्सम सॉल्ट और पोटाश की जरूरत होती है. 10 इंच के गमले के हिसाब से 20 ग्राम बोन मील, 2 ग्राम एप्सम सॉल्ट और करीब 2.5 ग्राम पोटाश मिलाकर एक संतुलित खाद तैयार की जा सकती है. यह मिश्रण पौधों को जरूरी मैक्रो और माइक्रो न्यूट्रिएंट्स देता है. जिससे फूलों की संख्या और गुणवत्ता में बढ़ोतरी होती है.

कैसे इस्तेमाल करें स्पेशल खाद?
इस खाद का इस्तेमाल करने का सही तरीका जानना बहुत जरूरी है. सबसे पहले गमले की ऊपरी 2 इंच मिट्टी को हल्का ढीला करना चाहिए. इसके बाद इस मिश्रण को मिट्टी में अच्छी तरह मिलाकर सुबह जल्दी या शाम के समय डालना चाहिए. यह प्रक्रिया 14 दिन के अंतराल पर दो बार करनी है. इससे अच्छे नतीजे मिलते हैं.

पौधों को पर्याप्त धूप मिलना चाहिए. जबकि पानी की मात्रा को कंट्रोल रखना होगा. इससे कलियां अच्छी मात्रा में बनती हैं. ये तरीका अपनाकर पौधों में फूलों की संख्या बढ़ाई जा सकती है.

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