उत्तराखंड के हरिद्वार में वाशिंग लाइन यार्ड में खड़ी वंदे भारत ट्रेन में घुसने का प्रयास कर रहे एक अजगर का वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू किया और उसे जंगल में छोड़ दिया. अजगर करीब 10 फ़ीट लंबा था और उसे करीब 2 घंटे की मशक्कत के बाद सकुशल रेस्क्यू किया जा सका. गनीमत रही कि अजगर तब तक ट्रेन में घुसा नहीं था.
वंदे भारत ट्रेन में अजगर-
वंदे भारत ट्रेन वाशिंग लाइन यार्ड में खड़ी थी. इसमें एक अजगर घुसने की कोशिश करने लगा. इसके बाद वन विभाग की टीम को इसकी सूचना दी गई. वन विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद अजगर को पकड़ा. अजगर को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम को 2 घंटे तक मशक्कत करनी पड़ी थी.
10 फीट लंबा था अजगर-
हरिद्वार रेलवे स्टेशन की वाशिंग लाइन में वंदे भारत ट्रेन मेंटीनेंस के लिए खड़ी थी कि करीब दस फीट लंबा अजगर ट्रेन के अंदर घुसने की कोशिश कर रहा था कि वाशिंग लाइन में काम कर रहे रेल कर्मचारियों की नजर अजगर पर पड़ गई. तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी गई, जिसपर हरिद्वार रेंज की टीम मौके पर पहुंची और करीब 2 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद अजगर को रेस्क्यू कर वापस जंगल में छोड़ा.
वन विभाग की टीम ने अजगर को जंगल में छोड़ा-
ट्रेन सुबह करीब नौ बजे वाशिंग लाइन में पहुंची थी कि दोपहर करीब 12 बजे कर्मचारियों की नजर ट्रेन के नीचे घूम रहे विशालकाय अजगर पर पड़ी, अजगर ट्रेन की बोगी के अंदर घुसने की कोशिश कर रहा था. कर्मचारियों ने तत्काल वन विभाग को सूचना दी. सूचना मिलते ही हरिद्वार रेंज से वन दरोगा आरती पंत, फॉरेस्ट गार्ड राहुल और वनकर्मी लाखन ने रेस्क्यू अभियान शुरू कर अजगर को काबू में लिया और उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ा दिया.
कोई सरीसृप दिखे तो विभाग को जानकारी दें- रेंज अधिकारी
शीशपाल सिंह रेंज अधिकारी वन प्रभाग हरिद्वार का कहना है कि रेलवे वाशिंग लाइन यार्ड में ट्रेन में अजगर मिलने की सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम को मौके पर भेजा गया. करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद अजगर को रेस्क्यू कर लिया गया और सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया गया है. अभी आप देख रहे होंगे बरसात का सीजन है और हरिद्वार जिला यह आरक्षित वन क्षेत्र और राजा जी की सीमा से लगा हुआ है. इसमें जंगल से सरीसृप आबादी क्षेत्र में चले जाते हैं. हमने कई टीम में बना रखी है, जैसे ही खबर आती है तो उसका रेस्क्यू करके सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया जाता है. जनता से अपील है कि कोई सांप, अजगर या ऐसा कोई सरीसृप आबादी क्षेत्र में आता है उसके उससे छेड़खानी न करें वन विभाग को सूचित करें.
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