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पर्यावरण को बचाने के संदेश के साथ हुगली के मिलन ने पैदल ही तय किया बंगाल से लद्दाख तक का सफर

मिलन माझी ने बताया कि पिछले 22 फरवरी को उसने बंगाल के विख्यात हावड़ा ब्रिज से कश्मीर के लद्दाख के लिए पैदल चलना शुरू किया और 83 दिनों के बाद वह 2500 किलोमीटर की दूरी तय करके अपने गंतव्य कश्मीर के लद्दाख तक पहुंचने में सफल हुआ.

gnttv.com
  • हुगली,
  • 23 मई 2022,
  • अपडेटेड 4:43 PM IST
  • गांव में हुआ जोरदार स्वागत
  • पैदल ही तय किया बंगाल से लद्दाख तक का सफर

कृषि जमीन आंदोलन के लिए देश और दुनिया में विख्यात हुगली के सिंगुर का नाम एक वार फिर इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में लिख गया. जब पर्यावरण संरक्षण के संदेश को लेकर सिंगुर का एक नौजवान, मिलन माझी ने पैदल ही हावड़ा ब्रिज कश्मीर के लद्दाख की 2500 किलोमीटर की दूरी 83 दिनों में तय कर डाली. जब सारे देश में पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने के बाद जब यह नौजवान अपने घर हुगली के सिंगुर के बाजेमैंलिया ग्राम पहुंचा तो उसका स्वागत करने के लिए गांववालों के साथ-साथ स्थानीय विधायक करबी मन्ना भी पलके बिछाए नजर आईं.

गांव में हुआ जोरदार स्वागत
स्थानीय लोगों ने बाकायदा गाजे-बाजे और नाच गाने के साथ उसका स्वागत किया. उन्होंने आपस में मिठाइयां बांटकर सिंगुर का नाम रोशन करने वाले युवक मिलन माझी का अपने गांव में गर्मजोशी से स्वागत किया.  मिलन माझी ने बताया कि पिछले 22 फरवरी को उसने बंगाल के विख्यात हावड़ा ब्रिज से कश्मीर के लद्दाख के लिए पैदल चलना शुरू किया और 83 दिनों के बाद वह 2500 किलोमीटर की दूरी तय करके अपने गंतव्य कश्मीर के लद्दाख तक पहुंचने में सफल हुआ. उसने बताया कि काफी लोग कई महत्वपूर्ण मकसद और संदेशों को लेकर साइकिल मोटरसाइकिल द्वारा भारत या विश्व भ्रमण करते हैं तो उसने सोचा कि क्यों ना कुछ ऐसा किया जाए जोकि औरों से बिल्कुल अलग हो. मिलन माझी ने बताया कि बचपन से ही उसे प्रकृति के प्रति अगाध प्रेम था और उसने प्रकृति को बचाने के लिए पूरे भारत में घूम कर यही संदेश दिया कि पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए प्रत्येक भारतवासी को पेड़ लगाने का बीड़ा उठाना होगा. 

(हुगली से भोलेनाथ की रिपोर्ट)

 

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