गुड़हर का पौधा लगभग हर घर में देखने को मिल जाता है. इसमें आते फूल लोगों को काफी पसंद भी आते हैं. लेकिन अकसर सर्दियों में लोगों की शिकायत रहती है कि पौधा सुख रहा है या फूल नहीं आ रहे हैं. ऐसा इसलिए होता है क्यों कि गुड़हल ज्यादा सर्दी बर्दाश्त नहीं कर पाता, जिसके कारण जड़ सुस्त पड़ जाते हैं और पौधा फूल देना बंद कर देते हैं. लेकिन सही और घरेलू देखभाल दी जाए तो, इसपर फूल उगना सर्दियों में भी शुरू हो जाएंगे.
जानें किस चीज का रस है गुड़हल के लिए रामबाण
वैज्ञानिक रूप से देखा जाए तो नींबू में साइट्रिक एसिड पाया जाता है. यह मिट्टी के पीएच स्तर को संतुलित रखने में मदद करता है. गुड़हल का पौधा हल्की अम्लीय मिट्टी में बेहतर ग्रोथ पाता है. वहीं सर्दियों के मौसम में मिट्टी अधिक क्षारीय हो जाती है, ऐसे में नींबू का रस पोषक तत्वों की उपलब्धता को बढ़ाता है और पौधे को बेहतर ग्रोथ देता है.
वहीं मिट्टी में मौजूद आयरन, फॉस्फोरस और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्वों को नींबू का रस घुलनशील बनाता है. ऐसा होने से पौधे की जड़ें आसानी से मिट्टी से जरूरी पदार्थ ले पाती हैं. इसका सीधा असर पत्तियों की हरियाली और फूलों के खिलने की मात्रा पर दिखता है.
क्या-क्या चाहिए होगा
इस्तेमाल करने का तरीका
नींबू का रस निकालकर उसे 1 लीटर पानी में अच्छी तरह मिलाएं. इस घोल को सुबह के समय, जब धूप हो तब गुड़हल की जड़ों के पास डालें. यह ध्यान रखें कि रस सीधे पत्तियों पर न गिरे.
कितनी बार कर सकते हैं इस्तेमाल
सर्दियों के मौसम में इसका इस्तेमाल 20 से 25 दिन में सिर्फ एक या दो बार ही करें. अधिक मात्रा में साइट्रिक एसिड मिट्टी को जरूरत से ज्यादा अम्लीय बना सकता है, जो पौधे के लिए नुकसानदायक हो सकता है.
कब दिखेगा असर
नियमित और सीमित इस्तेमाल करने से केवल 2 से 3 हफ्तों में पौधे में नई कोंपलें दिखने लगती हैं. धीरे-धीरे कलियां बनती हैं और गुड़हल का पौधा फिर से फूलों से भरने लगता है.
जरूरी सावधानी
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