भारतीय घरों में तांबे के बर्तनों का इस्तेमाल पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों में किया जाता है. माना जाता है कि तांबा न सिर्फ पवित्रता का प्रतीक है, बल्कि इसके उपयोग से स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक असर पड़ता है. हालांकि समय के साथ ये बर्तन अपनी चमक खोने लगते हैं और ये दिखने में गंदे लगने लगते हैं. ऐसे में लोग इन्हें साफ करने के तरीके ढूंढते हैं. लेकिन थोड़ी-सी सावधानी और कुछ आसान घरेलू नुस्खों की मदद से आप इन बर्तनों को फिर से नए जैसा चमका सकते हैं.
इमली से लौटेगी खोई हुई चमक
तांबे और पीतल के बर्तनों को साफ करने के सबसे पुराने और असरदार तरीकों में इमली का इस्तेमाल शामिल है. इसके लिए इमली का गूदा लेकर उसे बर्तन पर अच्छी तरह रगड़ें. लगभग 10 मिनट तक इसे ऐसे ही छोड़ दें, फिर गुनगुने पानी से धो लें. इमली में मौजूद प्राकृतिक अम्लीय गुण कालेपन को हटाकर बर्तन को फिर से चमकदार बना देते हैं.
बेकिंग सोडा और नींबू का असरदार कॉम्बिनेशन
आजकल घरों में आसानी से मिलने वाला बेकिंग सोडा भी तांबे और पीतल साफ करने में काफी प्रभावी माना जाता है. इसके लिए एक चम्मच बेकिंग सोडा में 3-4 बूंद नींबू का रस मिलाकर एक पेस्ट तैयार करें. इस पेस्ट को बर्तन पर लगाकर कुछ देर के लिए छोड़ दें. इसके बाद हल्के गुनगुने पानी से धो लें. बर्तन की काली परत काफी हद तक साफ हो जाएगी.
सिरके से भी हटेगा जिद्दी दाग-धब्बा
तांबे के बर्तनों की सफाई में सिरका भी काफी उपयोगी माना जाता है. इसके लिए एक चम्मच सिरके में नींबू की कुछ बूंदें मिलाकर एक मिश्रण तैयार करें. इस मिश्रण को बर्तन पर लगाकर कुछ समय के लिए छोड़ दें. थोड़ी देर बाद धोने पर बर्तन की सतह पर जमा कालापन कम हो जाता है और चमक वापस आने लगती है.
नमक और नींबू का पारंपरिक नुस्खा
पुराने समय से ही नमक और नींबू का उपयोग पीतल और तांबे के बर्तनों को चमकाने के लिए किया जाता रहा है. इसके लिए नींबू के रस में थोड़ा नमक मिलाकर एक पेस्ट तैयार किया जाता है और इसे बर्तन पर अच्छी तरह रगड़ा जाता है. कुछ देर बाद धोने पर बर्तन साफ और चमकदार दिखने लगते हैं. यह तरीका न सिर्फ आसान है, बल्कि प्राकृतिक भी है, जिससे किसी तरह के केमिकल का नुकसान नहीं होता.
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