Chemical-Injected Vegetables: कहीं आप केमिकल-इंजेक्शन वाली लौकी और तोरई तो नहीं खा रहे, ऐसे चंद मिनट में करें असली-नकली की पहचान

Bottle Gourd and Ridge Gourd: लौकी और तोरई में ढेर सारे पोषक तत्व पाए जाते हैं. इन्हें खाने से सेहत को काफी फायदा मिलता है. आजकल केमिकल और इंजेक्शन वाली लौकी और तोरई बाजार में खूब बिक रही है, इन्हें खाना मतलब बीमारियों को दावत देना है. आइए जानते हैं कैसे असली और नकली लौकी और तोरई की पहचान कर सकते हैं?

Bottle Gourd and Ridge Gourd
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 07 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 10:53 AM IST

Lauki and Taroi: सब्जियों में ढेर सारे पोषक तत्व पाए जाते हैं. हर घर में रोज सब्जियां बनती ही बनती हैं. इन्हें खाने से सेहत को काफी फायदा मिलता है. आजकल केमिकल और इंजेक्शन वाली लौकी और तोरई बाजार में खूब बिक रही है.

लौकी और तोरई को लंबा, मोटा और वजनदार बनाने के लिए कुछ किसान इनमें केमिकल युक्त इंजेक्शन दे रहे हैं. लौकी और तोरई को ताजा दिखाने के लिए खतरनाक केमिकल्स का छिड़काव कर रहे हैं. इन्हें खाना मतलब बीमारियों को दावत देना है. आइए जानते हैं कैसे असली और नकली लौकी और तोरई की पहचान कर सकते हैं?

केमिकल-इंजेक्शन वाली लौकी और तोरई की ऐसे करें पहचान  
1. चमक को देखकर न खाएं धोखा

यदि आप बाजार में लौकी और तोरई खरीदने गए हैं तो इन सब्जियों की चमक को देखकर धोखा न खाएं. यदि लौकी और तोरई देखने में बहुत ज्यादा चमकदार, चिकनी और प्लास्टिक जैसी लग रही हैं तो समझ जाएं कि इनमें केमिकल पॉलिश की गई है. यदि आप ऐसी लौकी और तोरई की सब्जी को खाएंगे तो बीमार होना पक्का है. आप जब भी लौकी और तोरई को खरीदें तो इनकी ऊपरी परत को जरूर ध्यान से देखें. नेचुरल ताजी लौकी और तोरई की बाहरी सतह थोड़ी खुरदरी होती है और उस पर हल्के दाग-धब्बे होते हैं. 

2. छूकर और सूंघ कर करें पहचान  
आप जब लौकी और तोरई खरीदने के लिए सब्जी मार्केट जाएं तो इन सब्जियों को छूकर और सूंघ कर जरूर देखें. यदि लौकी और तोरई को छूने पर चिपचिपाहट महसूस हो रही हो या केमिकल जैसी गंध आ रही हो तो हो सकता है ये केमिकल से पकाई गई है. असली और ताजी लौकी-तोरई से मिट्टी जैसी हल्की प्राकृतिक खुशबू आती है. ऐसे में सिर्फ लौकी-तोरई का आकार और रंग देखकर ही न खरीदें, बल्कि उसकी खुशबू से भी पहचान करें कि वह ताजी है या नहीं.

3. ...तो समझें केमिकल का हुआ है इस्तेमाल 
यदि लौकी और तोरई कई दिनों तक बिना गले या मुरझाए ताजी जैसी दिख रही है तो समझ जाएं कि उसमें प्रिजर्वेटिव्स या केमिकल का इस्तेमाल किया गया है. आपको मालूम हो कि नेचुरल लौकी और तोरई एक-दो दिनों के बाद हल्की सी मुरझाने लगती हैं.

4. लौकी और तोरई को छीलने पर रंग में फर्क
यदि आप लौकी और तोरई की सब्जी या कोई और व्यंजन बनाने के लिए इन्हें छीलते हैं और छीलने के बाद जो रंग दिखता है उस रंग में धीरे-धीरे बदलाव आने लगे तो समझ जाए कि यह केमिकल और इंजेक्शन वाली सब्जी है. यदि लौकी और तोरई का बाहरी हिस्सा बहुत हरा है लेकिन अंदर हल्का सफेद और स्पंज जैसा तो यह संकेत हो सकता है कि बाहर पर केमिकल छिड़का गया है.

5. पानी में डालने पर रंग छोड़ना
लौकी और तोरई को खाने के लिए इस्तेमाल करने से पहले 5-10 मिनट के लिए साफ पानी में भिगो कर रखें. यदि पानी में लौकी और तोरई रंग छोड़ने लगे या ऊपर तेल जैसी परत दिखे तो समझ जाएं कि सब्जी पर केमिकल लेयर है. ये सब्जियां इंजेक्शन लगा कर बड़ी की गई हैं.

 

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