कई बार होता है कि घर में पड़े-पड़े दही खट्टी हो जाती है और लोगों को पसंद नहीं आती. अगर आपके घर की दही भी खट्टी हो गई है तो अब उसे फेंकने की जरूरत नहीं है. हम आपको खट्टी दही से स्वादिष्ट कढ़ी-वड़ी बनाना सिखाएंगे, वह भी नानी दादी के हाथों के स्वाद वाली.
कढ़ी-वड़ी एक ऐसी डिश है, जो लगभग सभी को पसंद आती है. लेकिन कई बार लोग सोचते है कि इसे बनाना मुश्किल है. लेकिन ऐसा नहीं है. अगर सही रेसिपी को फॉलो किया जाए तो ये जल्दी बन जाती है और खाने में वही नानी-दादी वाली रेसिपी की तरह ही लगती है.
कढ़ी-वड़ी बनाने का सामान
खट्टी दही - 1 कटोरी
बेसन - 2 कटोरी
प्याज - 1 बारीक कटा हुआ
हरी मिर्च - 2 बारीक कटी हुई
अदरक - 1 छोटा चम्मच कद्दूकस किया हुआ
हल्दी - आधा छोटा चम्मच
लाल मिर्च पाउडर - आधा छोटा चम्मच
धनिया पाउडर - 1 छोटा चम्मच
जीरा - 1 छोटा चम्मच
मेथी दाना - आधा छोटा चम्मच
हींग - 1 चुटकी
नमक - स्वादानुसार
सरसों का तेल - तलने और तड़के के लिए
पानी - जरूरत के अनुसार
हरा धनिया - सजाने के लिए
वड़ी बनाने का तरीका
सबसे पहले एक बाउल में 1 कटोरी बेसन लें. इसमें बारीक कटा प्याज, हरी मिर्च, थोड़ा नमक और थोड़ा सा पानी डालकर गाढ़ा घोल तैयार कर लें. घोल इतना होना चाहिए कि चम्मच से डालने पर पकोड़े का शेप बिगड़े नहीं.
अब कड़ाई में तेल गरम करें और छोटे-छोटे पकोड़े की तरह बेसन के घोल को डालकर सुनहरा होने तक तल लें. इन्हें निकालकर अलग रख दें. यही वह वड़ी है जो कढ़ी का स्वाद बढ़ाएगा.
कढ़ी बनाने का तरीका
अब खट्टी दही को अच्छी तरह फेंट लें. इसमें बचा हुआ 1 कटोरी बेसन, हल्दी, नमक और 3-4 कप पानी डालकर स्मूद घोल बना लें ताकि गुठलियां न रहें.
कड़ाई में 1 बड़ा चम्मच सरसों का तेल गरम करें. इसमें जीरा, मेथी दाना, और हींग डालें. फिर अदरक और थोड़ा प्याज डालकर थोड़ी देर भुन लें. अब इसमें दही-बेसन वाला घोल डाल दें और लगातार चलाते रहें ताकि कढ़ी फटे नहीं.
धीमी आंच पर पकाएं
कढ़ी को धीमी आंच पर 15-20 मिनट तक पकने दें. बीच-बीच में चलाते रहें. जब कढ़ी गाढ़ी होने लगे, तब तली हुई बेसन की वड़ियां इसमें डाल दें. वड़ियों को 5-7 मिनट तक कढ़ी में पकने दें ताकि वो मसाले और खट्टेपन का पूरा स्वाद सोख लें.
स्वाद बढ़ाने का देसी तड़का
ऊपर से चाहें तो एक छोटा तड़का और लगा सकती हैं. इसके लिए एक पेन में सरसों के तेल में सूखी लाल मिर्च, जीरा और थोड़ा लाल मिर्च पाउडर डाल कर गर्म करें. जब सब चटकने लगे तो इसे कढ़ी में मिला दें. इससे वही नानी-दादी वाला स्वाद कढ़ी में आ जाएगा और आपको खा कर मजा आ जाएगा.
गरमा-गरम कढ़ी-वड़ी को चावल के साथ परोसें. यकीन मानिए, रोज की दाल से बोरियत भी खत्म होगी और खट्टी दही भी शानदार डिश में बदल जाएगी, जिसे सब अंगुलियां चाट कर खाएंगे.
ये भी पढ़ें