होली का त्योहार रंगों के साथ-साथ ठंडाई के बिना अधूरा माना जाता है. मेहमानों के स्वागत से लेकर रंग खेलने के बाद थकान मिटाने तक, ठंडाई हर मौके पर फिट बैठती है. स्वाद और ठंडक के साथ यह सेहत के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है. आइए जानते हैं इसे बनाने का तरीका...
ठंडाई में क्या-क्या डाला जाता है?
पारंपरिक ठंडाई कई तरह के मेवे और मसालों से तैयार की जाती है.
बादाम
काजू
पिस्ता
खरबूजे के बीज
खसखस
सौंफ
काली मिर्च
इलायची
गुलाब की पंखुड़ियां
केसर
चीनी
ठंडा दूध
ऐसे बनाएं घर पर परफेक्ट ठंडाई
बादाम, काजू, पिस्ता, खरबूजे के बीज, खसखस और सौंफ को 4-5 घंटे के लिए पानी में भिगो दें.
भीगे हुए मेवों का छिलका निकालकर इन्हें काली मिर्च, इलायची और थोड़ी-सी गुलाब की पंखुड़ियों के साथ बारीक पीस लें.
इस पेस्ट में थोड़ा दूध मिलाकर फिर से ब्लेंड करें ताकि स्मूद टेक्सचर मिल सके.
अब एक बड़े बर्तन में ठंडा दूध लें, उसमें तैयार पेस्ट और स्वादानुसार चीनी मिलाएं.
ऊपर से केसर डालें और 1-2 घंटे फ्रिज में ठंडा होने के लिए रख दें.
सर्व करते समय कटे हुए पिस्ता-बादाम से गार्निश करें.
ठंडाई पीने के 5 फायदे
1. शरीर को ठंडक पहुंचाती है: सौंफ, खसखस और गुलाब जैसी तासीर में ठंडी चीजें शरीर की गर्मी कम करने में मदद करती हैं. इससे लू और डिहाइड्रेशन का खतरा घट सकता है.
2. एनर्जी बढ़ाती है: मेवे और दूध में मौजूद प्रोटीन और हेल्दी फैट्स तुरंत ऊर्जा देने में सहायक होते हैं. रंग खेलने के बाद आई थकान को दूर करने में ठंडाई फायदेमंद हो सकती है.
3. पाचन में मददगार: सौंफ और काली मिर्च पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मदद करती हैं. भारी खाना खाने के बाद ठंडाई पीने से गैस और अपच की समस्या कम हो सकती है.
4. दिमाग को शांत रखे: खसखस और बादाम दिमाग को ठंडक और सुकून देने के लिए जाने जाते हैं. गर्मी में चिड़चिड़ापन कम करने में भी यह सहायक हो सकती है.
5. इम्यूनिटी सपोर्टर: बादाम, पिस्ता और मसालों में एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में मदद कर सकते हैं.
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