अगर आप भी सुबह या रात को फ्रिज से बचे हुए आटे का डिब्बा निकालकर रोटियां बना लेते हैं, तो आप अकेले नहीं हैं. लगभग हर भारतीय घर में यह आम चलन है. समय की कमी, सुबह की जल्दी, बच्चों का टिफिन और रोज़-रोज़ आटा गूंथने की झंझट से बचने के लिए लोग अक्सर पहले से गूंथा हुआ आटा रख लेते हैं. आम धारणा यही होती है कि आटा तो बस गेहूं और पानी का मिश्रण है, इसमें खराब होने जैसा क्या होगा? लेकिन सच्चाई इससे थोड़ी अलग है.
अक्सर हम मान लेते हैं कि किसी चीज़ को फ्रिज में रखने से वह खराब नहीं हो सकती, लेकिन यह पूरी तरह सच नहीं है. फ्रिज बैक्टीरिया की गतिविधि को धीमा जरूर करता है, मगर उन्हें पूरी तरह खत्म नहीं करता. गूंथे हुए आटे में नमी होती है और यह कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होता है, जो बैक्टीरिया और सूक्ष्मजीवों के पनपने के लिए अनुकूल वातावरण बनाता है, खासकर जब स्टोरेज सही तरीके से न किया गया हो.
फ्रिज में रखा आटा क्या सेफ है?
भले ही आटा ठंडे तापमान में रखा हो, लेकिन उसमें कुछ बदलाव धीरे-धीरे होते रहते हैं. समय के साथ ग्लूटेन मजबूत हो जाता है, जिससे आटा सख्त और टाइट महसूस होने लगता है. सतह सूख सकती है और हल्का खट्टापन भी आने लगता है. इसके अलावा, विटामिन C और फोलेट जैसे कुछ पोषक तत्वों में भी कमी आ सकती है. यही वजह है कि ताजे आटे की रोटियां ज्यादा नरम और स्वादिष्ट लगती हैं, जबकि पुराने आटे की रोटियां अकसर सूखी और भारी महसूस होती हैं.
कैसे करें फ्रिज वाले आटे का इस्तेमाल?
अगर फ्रिज से निकालने पर आटा सख्त लगे, तो उसे सीधे इस्तेमाल न करें. उसमें थोड़ा सा गुनगुना पानी मिलाकर दोबारा गूंथ लें. ऊपर से हल्का सा तेल या घी लगाने से नमी लौट आती है. बेलने से पहले आटे को 10–15 मिनट तक ढककर रखने से भी उसकी बनावट बेहतर हो जाती है. कुछ लोग खट्टापन कम करने के लिए अजवाइन या नींबू की कुछ बूंदें मिलाते हैं, लेकिन ध्यान रखें कि इससे खराब आटा सुरक्षित नहीं हो जाता.
ये संकेत दिखें तो आटा तुरंत फेंक दें
कई बार आटा देखने में ठीक लगता है, लेकिन असल खराबी उसकी गंध और टेक्सचर से पता चलती है. अगर आटे से तेज खट्टी या अजीब बदबू आए, वह ज्यादा चिपचिपा या स्लिमी लगे, उस पर सफेद, हरी या काली फफूंदी दिखे या रंग ग्रे और गहरा हो जाए, तो उसे बिना सोचे-समझे फेंक देना चाहिए.