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Jodhpur Foundation Day: सूर्यनगरी के नाम से जाना जाता है यह शहर, सिर्फ टूरिज्म नहीं शिक्षा और रिसर्च हब भी

12 मई 1459 को राव जोधा ने जोधपुर की स्थापना की थी और यह ऐतिहासिक रूप से मारवाड़ साम्राज्य की राजधानी थी. इस शहर को सन सिटी, ब्लू सिटी और गेटवे ऑफ थार रेगिस्तान के रूप में जाना जाता है.

Jodhpur Known as Suncity (Photo: Twitter/@hitesh_thakkar3)
निशा डागर तंवर
  • नई दिल्ली ,
  • 12 मई 2022,
  • अपडेटेड 2:27 PM IST
  • सन सिटी, ब्लू सिटी और गेटवे ऑफ थार रेगिस्तान के रूप में जाना जाता है जोधपुर
  • 12 मई 1459 को राव जोधा ने की थी जोधपुर की स्थापना

हर साल 12 मई को राजस्थान के जोधपुर शहर का स्थापना दिवस मनाया जाता है. साल 1459 में राठौर वंश के राजपूत शासक राव जोधा ने इस शहर को बसाया था. रंगीले राजस्थान का यह शहर अपने में 564 सालों का इतिहास लिए हुए है. आज भी मजबूती से खड़े किले, महलों के दम पर जोधपुर देश के मशहूर टूरिस्ट शहरों में से एक है.

जोधपुर राजस्थान का दूसरा सबसे बड़ा शहर है और इसका अमिट इतिहास और मजबूत संस्कृति आज भी भारत का मान बढ़ा रही है. दुनियाभर से लोग जोधपुर घूमने-फिरने आते हैं. वास्तुकला में दिलचस्पी रखने वालों के लिए जोधपुर अनमोल धरोहर है. 

कहलाता है सूर्यनगरी 

जोधपुर में पूरे साल धूप रहती है और सुहावना मौसम रहता है. जिस कारण इसे "सनसिटी" के नाम से जाना जाता है. आपनो जोधपुर पोर्टल के मुताबिक, पुराने शहरी क्षेत्र में सभी घरों का रंग नीला है, जिसके कारण इसे "ब्लू सिटी" के नाम से भी जाना जाता है. मेहरानगढ़ किले के ऊपर से देखेंगे तो आपको सबकुछ नीला दिखेगा. 

आजादी के बाद जोधपुर में काफी विकास हुआ. जिस कारण यह एतिहासिक शहर होने के साथ-साथ आधुनिकता में भी दूसरे बड़े शहरों की बराबरी कर रहा है. टूरिस्ट प्लेस होने के कारण जोधपुर देश के आर्थिक विकास में तो सहयोग करता ही है, पर अब यह शिक्षा और अनुसंधान के केंद्र के रूप में भी उभर रहा है.   

शिक्षा और अनुसंधान का केंद्र बन रहा है जोधपुर

हाल के सालों में, जोधपुर में सबसे उल्लेखनीय विकास शिक्षा और अनुसंधान क्षेत्र से हुआ है. क्योंकि जोधपुर शैक्षिक अवसरों के मामले में देश के सर्वश्रेष्ठ शहरों में से एक बन गया है. यह भारत में हायर स्टडीज के लिए एक प्रमुख शिक्षा केंद्र बन गया है. बताया जाता है कि चार्टर्ड एकाउंटेंट (सीए) प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए यह सबसे बड़ा केंद्र है. 

साथ ही, शहर में नए शैक्षिक और अनुसंधान संगठनों की स्थापना ने भी इसे आगे बढ़ाया है. जोधपुर के प्रमुख संस्थानों में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT जोधपुर), अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS जोधपुर), राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (NLU जोधपुर), राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (NIFT जोधपुर), डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय (DSRRAU जोधपुर) शामिल हैं. 

IIT Jodhpur (Photo: Twitter/@iitjodhpur)

वहीं, रिसर्च की बात करें तो प्रमुख अनुसंधान संगठनों में शुष्क वन अनुसंधान संस्थान (AFRI), केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (CAZRI) शामिल हैं, जो भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR)का एक प्रमुख संगठन है. इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के 33 संगठनों में से एक डेजर्ट मेडिसिन रिसर्च सेंटर (DMRC) भी यहां है. डेजर्ट रीजनल सेंटर, जूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (DRC-ZSI), बॉटनिकल सर्वे ऑफ इंडिया आदि यहां स्थित हैं.  

साथ ही, जोधपुर को राजस्थान की कानून राजधानी के रूप में भी जाना जाता है. यहां राजस्थान का उच्च न्यायालय स्थित है. जिसकी नई इमारत कुछ साल पहले बनी और यह शहर के लिए एक अद्भुत वास्तुशिल्प उपलब्धि है. 

डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए है मनपसंद जगह 

जोधपुर की हैंडक्राफ्ट इंडस्ट्री देश की अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान देती है. इसके बाद टूरिज्म इंडस्ट्री हर साल बड़ी संख्या में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करती है. 

जोधपुर में बहुत से पर्यटक आकर्षण और हॉट-स्पॉट हैं, विशेष रूप से मेहरानगढ़ किला, उम्मेद भवन पैलेस, जसवंत थड़ा, क्लॉक टॉवर (घण्टा घर) आदि. जोधपुर के लोग अपने आतिथ्य के लिए मशहूर हैं. यहां का उम्मेद भवन पैलेस दुनिया के सर्वश्रेष्ठ होटलों में से एक है. मेहरानगढ़ किला और उम्मेद भवन पैलेस में बहुत सी हाई- प्रोफ़ाइल शादियां होती हैं. जिस कारण जोधपुर डेस्टिनेशन वेडिंग और इवेंट मैनेजमेंट इंडस्ट्री में एक बड़ा नाम बन गया है. 

साथ ही, फिल्म इंडस्ट्री के लिए भी यह अच्छी शूट लोकेशन के रूप में विकसित हो रहा है.  जोधपुर शहर और यहां के लोग सभी को "अतिथि देवो भवः" की भावना के साथ बस यही कहते हैं कि "पधारो म्हारे देश."

 

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