नींबू सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है. लोग गर्मी के दिनों में नींबू का खूब इस्तेमाल करते हैं. अधिक मांग होने पर नींबू की कीमत बढ़ जाती है. बाजार से नींबू न खरीदना पड़े इसलिए कई लोग अपने घर के बगीचे, छत और बालकनी में नींबू के पौधे लगाए हुए हैं. नींबू के पौधे लगाने वाले कुछ लोगों की शिकायत होती है कि नींबू के पौधे में पत्तियां तो खूब आ रही हैं लेकिन फूल आने के बाद गिर जा रहा है. इसके चलते नींबू के पौधे में फल नहीं आ पा रहा है. यदि आपके नींबू के पौधे में भी फूल और फल नहीं आ रहे हैं तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है. बस कुछ देसी उपाय करने से नींबू का पौधा फल से भर जाएगा. आइए इन उपायों के बारे में जानते हैं. आपको मालूम हो कि मार्च से लेकर जुलाई का महीना नींबू के पौधे लगाने के लिए अच्छा समय माना जाता है.
1. प्याज का पानी
नींबू के प्लांट में फल लाने के लिए आप प्याज के पानी का इस्तेमाल कर सकते हैं. इससे नींबू के पौधे की पूरी डालियां फल से लद जाएंगी. सबसे पहले आप एक प्याज को काटकर 1 लीटर पानी में 30 मिनट के लिए भिगो दें. इसके बाद प्याज को छान लें और सिर्फ प्याज के बचे पानी को नींबू के पौधे की मिट्टी में डालें. हर 15 दिन पर ऐसा करें. इससे नींबू के पौधे को माइक्रो-न्यूट्रीएंट्स मिलते हैं. नींबू का पौधा फूल और फल से भर जाता है.
2. देसी लिक्विड खाद
यदि नींबू के पौधे में फल और फूल नहीं आ रहे हैं तो इसमें आप देसी लिक्विड खाद डाल सकते हैं. एलोवेरा और प्याज के छिलकों से बना देसी लिक्विड खाद नींबू के पौधे के लिए बहुत ही अच्छा होता है. इसके लिए आपको प्याज के छिलके, एलोवेरा, सरसों की खली, चायपत्ती और थोड़ी सी हल्दी चाहिए. अब नींबू के प्लांट के लिए लिक्विड खाद बनाने के लिए एक एलोवेरा को काटकर उसके टुकड़े-टूकड़े कर लें. इसके बाद इसमें प्याज के छिलके, चायपत्ती, हल्दी और सरसों की खली को अच्छी तरह से मिलाएं. इसके बाद इन सभी चीजों को मिक्सर में डालकर पीस लें. इस तरह से एक गाढ़ा सा पेस्ट तैयार हो जाएगा. अब इसे किसी बड़े बर्तन में डालकर उसमें पानी डाल लें. फिर इस घोल को 20 से 22 घंटे के लिए ढककर छोड़ दें. सुबह तक लिक्विड खाद बनकर तैयार हो जाएगी.
3. सुहागा का करें इस्तेमाल
दुकान से सुहागा खरीदकर लाएं. इसे पानी में डालकर 15 से 20 बार अच्छे से हिलाएं. ध्यान रखें कि सुहागा को पानी में पूरी तरह से घोलना नहीं है. अब इस सुहागा वाले पानी को नींबू के पौधे वाली मिट्टी में डाल दें. ध्यान रखें कि इसे तभी डालना है जब मिट्टी पूरी तरह सूखी हो. गीली मिट्टी में यदि इसे डालेंगे तो नींबू के पौधे को नुकसान हो सकता है. आपको मालूम हो कि सुहागा या बोरेक्स आयुर्वेद में एक औषधि है. आप सुहागा से बने फर्टिलाइजर का इस्तेमाल सिर्फ दो बार करें. पहली बार फूल आने से पहले और दूसरी बार फूल आने के समय. नींबू का पौधा फल से लद जाएगा.
4. नींबू के प्लांट में डालें राख
यदि नींबू के प्लांट से बार-बार फूल गिर जा रहे हैं तो आप लकड़ी की राख का इस्तेमाल कर सकते हैं. राख में पोटैशियम, मैग्नीशियम और कैल्शियम जैसे खनिज तत्व पाए जाते हैं. पोटैशियम पौधों में फूल और फल के विकास के लिए बेहद जरूरी है. यह पौधे की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत करता है.
5. ऑर्गेनिक खाद
नींबू के पौधे की जड़ों को मजबूत बनाने और पोषण देने के लिए आप ऑर्गेनिक खाद का इस्तेमाल कर सकते हैं. सड़ी हुई गोबर की खाद डालें. इसके साथ ही नीम खली का उपयोग करें, जो मिट्टी को कीड़ों और फंगस से बचाती है.
6.अंडे के छिलकों का पाउडर
आप नींबू का साइज बढ़ाने और उन्हें रसीला बनाने के लिए सीवीड का इस्तेमाल करें. नींबू को कैल्शियम की जरूरत होती है. आप नींबू के पौधे की जड़ में अंडे के छिलकों का पाउडर डाल सकते हैं. यदि आप अंडे का इस्तेमाल नहीं करना चाहते हैं तो इसकी जगह चाक या सफेद चूने का थोड़ा सा इस्तेमाल करें.
7. गेरू का करें उपयोग
नींबू के पौधे में आयरन की कमी को दूर करने के लिए आप गेरू का उपयोग कर सकते हैं. गेरू एक प्रकार की मिट्टी होती है, जो पूजा-पाठ की दुकानों पर मिल जाएगी. गेरू में भरपूर आयरन होता है, जो नींबू के पौधे की पत्तियों को हरा-भरा रखने और फल के विकास में मदद करता है.