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Lohri 2026: क्या होती है लोहड़ी की थाली? इन 5 चीजों के बिना होती है अधूरी, जान लें महत्व

Lohri ki Thali: लोहड़ी पंजाब की समृद्ध संस्कृति का प्रतीक है, जहां लोग लोहड़ी की थाली में तिल, गुड़, मेवे और मक्का शामिल करते हैं. यह ऊर्जा, सामुदायिक एकता और समृद्धि का संदेश देता है, साथ ही कृतज्ञता और स्नेह का भी. यह थाली सिर्फ एक और व्यंजन नहीं है, बल्कि यह परंपरा, स्वास्थ्य और जीवन चक्र के अंत का नए सिरे से शुरुआत के साथ जश्न मनाने का प्रतीक है.

लोहड़ी की थाली
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 12 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 4:45 PM IST

Lohri 2026: लोहड़ी भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जो कि पंजाब, हरियाणा और इन राज्यों के आसपास के क्षेत्रों में मनाया जाता है. हर साल 13 जनवरी को देशभर में लोहड़ी का खास पर्व मनाया जाता है. इस दौरान शाम के समय बड़ी सी अलाव जलायी जाती है और लोग इसके चारों तरफ घूमकर डांस करते हैं, गाना गाते हैं और जमकर मस्ती करते हैं. यही कारण है कि स्वादिष्ट व्यंजन, लोक गीत, ढोल की थाप और दोस्तों व परिवार के साथ एन्जॉय करने वाला ये त्यौहार सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले त्योहारों में से एक है.

वहीं लोहड़ी की रात को आम तौर पर अलाव जलाया जाता है, जो गर्माहट प्रदान करता है और उज्ज्वल भविष्य की आशा का प्रतीक माना जाता है. इसके अलावा इस खास पर्व पर लोहड़ी की थाली का भी विशेष महत्व होता है. इस थाली को कई प्रकार की ट्रेडिशनल डिशेज के साथ सजाया जाता है. इस पारंपरिक थाली में रखी हर डिश का अपना अलग महत्व होता है. तो चलिए आज हम आपको लोहड़ी की थाली के महत्व के बारे में बताएंगे.

लोहड़ी की थाली का महत्व

लोहड़ी पंजाब की समृद्ध संस्कृति का प्रतीक है, जहां लोग लोहड़ी की थाली में तिल, गुड़, मेवे और मक्का शामिल करते हैं. यह ऊर्जा, सामुदायिक एकता और समृद्धि का संदेश देता है, साथ ही कृतज्ञता और स्नेह का भी. यह थाली सिर्फ एक और व्यंजन नहीं है, बल्कि यह परंपरा, स्वास्थ्य और जीवन चक्र के अंत का नए सिरे से शुरुआत के साथ जश्न मनाने का प्रतीक है. आइए आपको बताते हैं कि लोहड़ी की थाली में किन 5 चीजों को जरूर शामिल करना चाहिए.

मूंगफली, पॉपकॉर्न

यह दोनों चीजें लोहड़ी की थाली की प्रमुख चीजें हैं. लोहड़ी के मौके पर पॉपकॉर्न और मूंगफली खाने की एक विशेष परंपरा है. इन दोनों चीजों को लोहड़ी की आग में भी डाला जाता है. मूंगफली की तासीर गर्म होती है. ऐसे में ठंड के दिनों में इस सेवन सेहत के लिए अच्छा होता है.

सरसों का साग और मक्की की रोटी

पंजाब की पारंपरिक डिश सरसों का साग और मक्की की रोटी भी लोहड़ी के दिन विशेष रूप से बनाई जाती है. इससे शरीर गर्म रहता है. सरसों के साग को ताजे मक्खन के साथ परोसा जाता है.

रेबड़ी, गजक, मूंगफली की चिक्की

इसके अलावा लोहड़ी की थाली रेबड़ी और गजक के बिना भी अधूरी रहती है. सर्दियों के मौसम में तिल और गुड़ से बनी चीजों का सेवन भी स्वास्थ्य की दृष्टि से अच्छा होता है.

आटे की पिन्नी

आटे की पिन्नी भी लोहड़ी के पारंपरिक व्यंजनों में शामिल है. इसे आटा, गुड़ और घी से तैयार किया जाता है. गुड़ खाने से शरीर गर्म रहता है और ये हेल्थ के लिए भी फायदेमंद माना जाता है.

दही-भल्ले

लोहड़ी की थाली में शामिल करने के लिहाज से दही-भल्ले एक परफेक्ट साइड-डिश है. इसे दही, इमली की चटनी, उड़द दाल और मसालों को मिलाकर तैयार किए गए बड़े और ड्राई फ्रूट्स के साथ तैयार किया जाता है.

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