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Mirzapur News: 100 घर... 1500 आबादी, इस गांव में आजादी के 76 साल बाद पहुंचा हर घर नल योजना के तहत पानी, पेयजल नहीं होने से लड़कों की शादी होनी तक हो गई थी बंद 

यूपी के मिर्जापुर स्थित लहुरियादह में आजादी के 76 साल बाद जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित हर घर नल योजना के तहत पानी पहुंचा. कभी बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष करने वाले लहुरियादह के लोगों के घर में अब टोटी खोलने पर पानी मिल रहा है. इससे ग्रामीण खुश है. यह गांव कभी राष्टीय स्तर पर पानी की समस्या के लिए सुर्खियों में रहता था.

Drinking Water Problem has been Resolved.
सुरेश कुमार सिंह
  • मिर्जापुर ,
  • 10 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 7:41 PM IST

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर स्थित लालगंज तहसील के ड्रमंडगंज में विंध्य की पहाड़ी पर स्थित लहुरियादह कस्बा कभी पानी के लिए तरसता था. यहां के लोग आजादी के बाद भी पानी के लिए संघर्ष करते थे. पहाड़ी पर मौजूद इस गांव की कुल आबादी 1500 के लगभग है. गांव में कुल 100 घर हैं. इन घरों में रहने वाले लोग गांव के पास मौजूद पहाड़ के जल सोते से पानी एकत्र कर पीते थे. इस झरने में पानी के लिए गांव के लोगों का नंबर लगता था. तीन दिनों बाद एक परिवार का नंबर आता था. उसके बाद उनको पानी मिलता था.

गर्मी में पानी की समस्या हो जाती थी और विकराल 
गर्मी के दिनों में पानी की समस्या ज्यादा विकराल होती थी. तब जिला प्रशासन तरफ से पानी टैंकर की व्यवस्था किया जाता था.जिसमें हर व्यक्ति को तीन दिनों के लिए इस्तेमाल करने के लिए 15 लीटर पानी मिलता था. पानी के लिए यहां के लोग पांच किलोमीटर दूर पहाड़ के नीचे भैसोडबलाय और मध्य प्रदेश के हनुमान से पानी लाते थे. पानी की समस्या के कारण गांव के लड़कों की शादी होनी बंद हो गई. 

इस योजना से बदली तस्वीर
प्रदेश सरकार की जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित हर घर नल योजना ने आज इस पूरे गांव की तस्वीर बदल दी है. इस योजना के अंतर्गत 31 अगस्त 2023 को पहली बार नल से कस्बे में पानी आया. इसके बाद से हर घर में आज पानी की आजादी है. लगभग हर घर के पास नल लगा है, जिसमें सुबह-शाम पानी की सप्लाई होती है. ग्रामीणों को अब पानी के लिए जंगल-पहाड़ में संघर्ष नहीं करना पड़ता है. गांव के लोगों का कहना है कि आज पानी की कोई परेसानी नहीं है. अब टोटी खोलिए पानी गिरने लगता है. हमारे पूर्वजों ने इस पानी के लिए बहुत संघर्ष किया है. मगर सरकार की इस योजना ने हमे पानी दे दिया. योगी के राज में पानी मिला है.

गांव की रहने वाली सुघरी देवी का कहना है, पहले हम लोग पहाड़ पर जल सोते के पास ही सोते थे. वहां दिन-रात लाइन लगता था. जिसका नंबर आता था, उसको पानी भरने के लिए मिलता था. मगर आज योगी जी की देन है टोटी खोलो पानी आ रहा है. गांव के रहने वाली छमा देवी का कहा है शादी हुई. यहां आए तो पानी की समस्या सामने थी. घर में खाना बनाने के लिए पानी चाहिए तो गांव से दूर झिंना (पहाड़ी जल स्रोत) पर जाते थे. आज आजादी है, घर पर टोटी लगी है पानी आ रहा है.


 

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