उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर स्थित लालगंज तहसील के ड्रमंडगंज में विंध्य की पहाड़ी पर स्थित लहुरियादह कस्बा कभी पानी के लिए तरसता था. यहां के लोग आजादी के बाद भी पानी के लिए संघर्ष करते थे. पहाड़ी पर मौजूद इस गांव की कुल आबादी 1500 के लगभग है. गांव में कुल 100 घर हैं. इन घरों में रहने वाले लोग गांव के पास मौजूद पहाड़ के जल सोते से पानी एकत्र कर पीते थे. इस झरने में पानी के लिए गांव के लोगों का नंबर लगता था. तीन दिनों बाद एक परिवार का नंबर आता था. उसके बाद उनको पानी मिलता था.
गर्मी में पानी की समस्या हो जाती थी और विकराल
गर्मी के दिनों में पानी की समस्या ज्यादा विकराल होती थी. तब जिला प्रशासन तरफ से पानी टैंकर की व्यवस्था किया जाता था.जिसमें हर व्यक्ति को तीन दिनों के लिए इस्तेमाल करने के लिए 15 लीटर पानी मिलता था. पानी के लिए यहां के लोग पांच किलोमीटर दूर पहाड़ के नीचे भैसोडबलाय और मध्य प्रदेश के हनुमान से पानी लाते थे. पानी की समस्या के कारण गांव के लड़कों की शादी होनी बंद हो गई.
इस योजना से बदली तस्वीर
प्रदेश सरकार की जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित हर घर नल योजना ने आज इस पूरे गांव की तस्वीर बदल दी है. इस योजना के अंतर्गत 31 अगस्त 2023 को पहली बार नल से कस्बे में पानी आया. इसके बाद से हर घर में आज पानी की आजादी है. लगभग हर घर के पास नल लगा है, जिसमें सुबह-शाम पानी की सप्लाई होती है. ग्रामीणों को अब पानी के लिए जंगल-पहाड़ में संघर्ष नहीं करना पड़ता है. गांव के लोगों का कहना है कि आज पानी की कोई परेसानी नहीं है. अब टोटी खोलिए पानी गिरने लगता है. हमारे पूर्वजों ने इस पानी के लिए बहुत संघर्ष किया है. मगर सरकार की इस योजना ने हमे पानी दे दिया. योगी के राज में पानी मिला है.
गांव की रहने वाली सुघरी देवी का कहना है, पहले हम लोग पहाड़ पर जल सोते के पास ही सोते थे. वहां दिन-रात लाइन लगता था. जिसका नंबर आता था, उसको पानी भरने के लिए मिलता था. मगर आज योगी जी की देन है टोटी खोलो पानी आ रहा है. गांव के रहने वाली छमा देवी का कहा है शादी हुई. यहां आए तो पानी की समस्या सामने थी. घर में खाना बनाने के लिए पानी चाहिए तो गांव से दूर झिंना (पहाड़ी जल स्रोत) पर जाते थे. आज आजादी है, घर पर टोटी लगी है पानी आ रहा है.