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तोते खा गए अनार, कोर्ट पहुंचा किसान, अब सरकार को देना होगा मुआवजा

महाराष्ट्र के वर्धा में जंगली तोतों ने अनार की खेती बर्बाद कर दी. इसके लेकर किसान ने कोर्ट का रूख किया. अब बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने फैसला सुनाया है. कोर्ट ने अपने आदेश में राज्य सरकार को निर्देश दिया कि किसान को 200 पेड़ों के नुकसान के लिए प्रति पेड़ 200 रुपये के हिसाब से मुआवजा दिया जाए.

Nagpur News
gnttv.com
  • नागपुर,
  • 27 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 4:40 PM IST

बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने किसान के हित में एक ऐतिहासिक फैसला दिया है. इस फैसले के आधार पर कई किसानों को फायदा होने की उम्मीद है. बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि किसान की फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले पक्षियों, खासकर तोतों के कारण हुए नुकसान की भरपाई किसानों को दी जाए.

जंगली तोतों ने फसल को पहुंचाया नुकसान-
दरअसल ये पूरा मामला वर्धा जिले के हिंगी गांव के 70 वर्षीय किसान महादेव डेकाटे का है. किसान महादेव ने बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर खंडपीठ में एक याचिका मई 2016 में लगायी थी. जिसमें उन्होंने कहा था कि उनके खेत में वन्यजीव अभयारण्य से आए जंगली तोतों ने उनके लगभग 200 अनार के पेड़ों को नुकसान पहुंचाया. सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने दलील दी कि मौजूदा नियमों के अनुसार मुआवजा केवल हाथी और जंगली मवेशियों द्वारा नुकसान की स्थिति में ही दिया जा सकता है. हालांकि अदालत ने इस तर्क को खारिज कर दिया.

किसान को मिले मुआवजा- कोर्ट
नागपुर पीठ की जस्टिस उर्मिला जोशी-फाल्के और जस्टिस निवेदिता मेहता ने अपने फैसले में साफ कहा कि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत तोते भी संरक्षित वन्य जीव की श्रेणी में आते हैं. ऐसे में यदि इन पक्षियों से किसानों की फसलों को नुकसान होता है, तो राज्य सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह इसकी भरपाई करें. कोर्ट ने अपने आदेश में राज्य सरकार को निर्देश दिया कि किसान को 200 पेड़ों के नुकसान के लिए प्रति पेड़ 200 रुपये के हिसाब से मुआवजा दिया जाए.

किसानों को मिलेगी बड़ी राहत-
इस फैसले से उन किसानों को बड़ी राहत मिलेगी. जिनकी फसलें तोतों के झुंड द्वारा बर्बाद हो जाती हैं. कोर्ट ने सरकार से कहा है कि ऐसे मामलों में मुआवजा देने की स्पष्ट व्यवस्था बनाई जाए, ताकि किसानों को समय पर सहायता मिल सके.

(योगेश पांडे की रिपोर्ट)

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