How to make instant sabudana khichdi: भारत में इन दिनों में नवरात्रि के पावन पर्व की रौनक है, नौ दिनों तक व्रत रखकर भक्त मां दुर्गा के स्वरूपों की पूजा करते हैं. ज्यादातर लोग व्रत के समय साबूदाना खिचड़ी खाना पसंद करते हैं. हालांकि, साबूदाना खिचड़ी बनाने की सबसे बड़ी दिक्कत है कि ये खिली-खिली नहीं बनती और एक दूसरे से चिपक जाती है. ऐसे में चलिए आपको साबूदाना बनाने की ऐसी ट्रिक के बारे में बताते हैं जिससे आपके साबूदाने की खिचड़ी एकदम खिली-खिली बनेगी.
खिली-खिली साबूदाना खिचड़ी बनाने के लिए आपको 1 कप साबूदाना, 2 उबले आलू (कटे हुए), ½ कप मूंगफली (भुनी और दरदरी पिसी), 2 हरी मिर्च (बारीक कटी), 1 चम्मच जीरा, 8-10 करी पत्ते, 2 चम्मच घी या तेल, सेंधा नमक स्वादानुसार, 1 चम्मच नींबू का रस और हरा धनिया सजाने के लिए.
साबूदाना खिचड़ी बनाने की रेसिपी
सबसे पहले साबूदाना को अच्छे से धोकर 4-5 घंटे या रातभर के लिए भिगो दें. ध्यान रखें कि साबूदाना ज्यादा गीला न हो, वरना खिचड़ी चिपचिपी बन सकती है.
अब एक कड़ाही में घी या तेल गरम करें. इसमें जीरा डालकर चटकाएं, फिर हरी मिर्च और करी पत्ते डालें. इसके बाद कटे हुए आलू डालकर हल्का सुनहरा होने तक भूनें.
अब इसमें भीगा हुआ साबूदाना डालें और अच्छे से मिलाएं.
फिर सेंधा नमक और मूंगफली पाउडर डालकर धीमी आंच पर पकाएं. बीच-बीच में चलाते रहें ताकि साबूदाना चिपके नहीं.
जब साबूदाना पारदर्शी दिखने लगे, तो समझ लें कि खिचड़ी तैयार है. अंत में नींबू का रस डालें और हरा धनिया से सजाकर गर्मागर्म परोसें. आप इसे आप दही के साथ खा सकते हैं.
साबूदाना खिचड़ी को खिली-खिली बनाने के 5 स्पेशल टिप्स
साबूदाना को धोने के बाद उतने ही पानी में भिगोएं कि वह बस डूब जाए. ज्यादा पानी डालने से यह गलकर चिपचिपा हो जाता है.
भीगने के बाद साबूदाना को हाथ से दबाकर देखें, अगर वह मुलायम है और पानी नहीं निकल रहा, तो यह बिल्कुल सही है.
भुनी हुई मूंगफली को दरदरा पीसकर साबूदाना में मिलाने से दाने अलग-अलग रहते हैं. यह अतिरिक्त नमी को भी सोख लेता है और खिचड़ी को खिली बनाता है.
तेज आंच पर पकाने से साबूदाना चिपक सकता है. हमेशा मध्यम से धीमी आंच पर धीरे-धीरे चलाते हुए पकाएं.
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