बैंगनी रंग के आम देखने में जितने अलग और खूबसूरत लगते हैं, उन्हें उगाना उतना ही मुश्किल माना जाता है. ऐसे आमों की खेती के लिए सिर्फ अच्छा मौसम ही नहीं, बल्कि सही मिट्टी का चुनाव भी बहुत जरूरी होता है. अगर मिट्टी सही हो, तो आम का रंग, स्वाद और पैदावार तीनों बेहतर हो जाते हैं. खासतौर पर बैंगनी या दूसरे गहरे रंग के आमों के लिए ऐसी जमीन की जरूरत होती है, जहां पानी जमा न हो और जड़ों को भरपूर पोषण मिल सके.
कैसी मिट्टी मानी जाती है सबसे बेहतर?
विशेषज्ञों के अनुसार, आम की खेती के लिए दोमट (Loamy Soil) और बलुई दोमट मिट्टी सबसे अच्छी मानी जाती है. इस तरह की मिट्टी में पानी ज्यादा देर तक नहीं रुकता और पौधों की जड़ों तक हवा आसानी से पहुंचती है. बैंगनी रंग के आमों के अच्छे विकास के लिए भी यही मिट्टी ज्यादा उपयुक्त मानी जाती है, क्योंकि इससे फल का आकार और रंग दोनों अच्छे से निकल कर आते है.
पानी निकलने का ध्यान रखें
अगर मिट्टी में पानी भरने लगे, तो आम के पेड़ों की जड़ें खराब होने का खतरा बढ़ जाता है. यही वजह है कि आम की खेती में ऐसी जमीन को बेहतर माना जाता है, जहां पानी आसानी से निकल जाए. बहुत ज्यादा गीली या दलदली मिट्टी आम के पेड़ों के लिए सही नहीं मानी जाती, क्योंकि इससे फल की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है.
मिट्टी के pH है जरूरी
आम के पेड़ों की अच्छी बढ़त के लिए मिट्टी का pH स्तर भी संतुलित होना चाहिए. विशेषज्ञों के मुताबिक, 5.5 से 7.5 के बीच pH वाली मिट्टी आम की खेती के लिए बेहतर मानी जाती है. इससे पौधों को जरूरी पोषक तत्व आसानी से मिलते हैं और पेड़ स्वस्थ तरीके से बढ़ते हैं.
जैविक खाद से बढ़ सकती है गुणवत्ता
बैंगनी रंग के आमों की अच्छी फसल के लिए मिट्टी में जैविक खाद या कम्पोस्ट मिलाना भी फायदेमंद माना जाता है. इससे मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और पेड़ों को पर्याप्त पोषण मिलता है. कई किसान पेड़ों के आसपास गोबर की खाद या ऑर्गेनिक पदार्थ डालकर मिट्टी को और उपजाऊ बनाते हैं.
कौन सी मिट्टी नहीं होती सही
चिकनी मिट्टी, ज्यादा नमक वाली जमीन या ऐसी जगह जहां पानी लंबे समय तक जमा रहता हो, वहां आम की खेती के लिए अच्छी नहीं मानी जाती. खासकर बैंगनी रंग के आमों के लिए गहरी, हवादार और पोषक तत्वों से भरपूर मिट्टी को ज्यादा उपयुक्त बताया जाता है. सही मिट्टी मिलने पर ही इन खास आमों का रंग गहरा और स्वाद बेहतर बन पाता है.
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