आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में बैलेंस्ड मील खाना आसान नहीं है. खराब खान-पान की आदतें धीरे-धीरे हमारी स्किन और डाइजेशन सिस्टम पर असर डालती हैं. ऐसे में लोग न्यूट्रिशन को पूरा करने के लिए अक्सर महंगे सप्लीमेंट्स की ओर रुख करते हैं, जबकि असली पोषण हमारी रसोई में ही मौजूद होता है. अलसी, तिल और नाइजर सीड्स से बनी यह खास चटनी एक ऐसा ही देसी सुपरफूड है, जो स्वाद और सेहत दोनों का बेहतरीन मेल है. तो चलाए बताते हैं आपको इसकी रेसिपी.
इस चटनी में इस्तेमाल किए गए बीज कई जरूरी तत्वों से भरपूर होते हैं. सफेद और काले तिल प्रोटीन, कैल्शियम और आयरन का अच्छा सोर्स हैं. खासकर काला तिल एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है, जो ब्लड प्रेशर को ठीक रखने और स्किन व बालों को हेल्दी बनाए रखने में मदद करता है. नाइजर सीड्स में मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड और लिनोलिक एसिड दिल को मजबूत बनाते हैं और शरीर में सूजन कम करते हैं. वहीं अलसी को सुपरफूड माना जाता है क्योंकि इसमें मौजूद फाइबर पाचन सुधारने और ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखने में मदद करता है.
किन इंग्रीडिएंट्स की पड़ेगी जरूरत
इस चटनी को बनाने के लिए अलसी, सफेद और काले तिल, सूखा नारियल, मेथी दाना, हींग, धनिया, सूखी लाल मिर्च और ताजी करी पत्तियों का उपयोग किया जाता है. स्वाद के लिए नमक, आमचूर, थोड़ी चीनी और लहसुन मिलाया जाता है. मूंगफली का तेल इसकी खुशबू और स्वाद को और बेहतर बनाता है.
कैसे करें चटनी तैयार?
सबसे पहले अलसी को सूखा भूनें जब तक वह चटकने न लगे. इसके बाद तिल और नाइजर सीड्स को हल्की आंच पर भून लें. फिर सूखे नारियल को हल्का सुनहरा होने तक भूनें. अब तेल में मेथी दाना, हींग और धनिया डालकर भूनें, फिर इसमें सूखी लाल मिर्च और करी पत्तियां डालकर कुरकुरा होने तक पकाएं. ठंडा होने पर पहले बीज और नारियल को दरदरा पीस लें, फिर मसालों के साथ बाकी सामग्री को पीसकर सबको अच्छी तरह मिला लें.
किस तरह करें स्टोर करें चटनी
तैयार चटनी को एयरटाइट कंटेनर में भरकर लगभग तीन सप्ताह तक सेफ रखा जा सकता है. इसे दाल-चावल, रोटी या स्नैक्स के साथ खाया जा सकता है, जिससे साधारण भोजन भी टेस्टी बन जाता है.
इस चटनी का को खाने से शरीर को जरूरी ओमेगा-3 फैटी एसिड मिलता है, जिससे स्किन में नमी बनी रहती है और नेचुरल ग्लो आता है. साथ ही इसमें मौजूद फाइबर पाचन को बेहतर बनाता है, जिससे आप अंदर और बाहर दोनों से स्वस्थ महसूस करते हैं.