बर्फीली वादियों में अकेला चलता पेंगुइन क्यों बन गया 'निहिलिस्ट', इसकी कहानी इंटरनेट पर इतनी वायरल क्यों हो रही?

कई यूजर्स का मानना है कि पेंगुइन अपने साथी की मौत के बाद डिप्रेशन में था. इसलिए वह खोया हुआ नहीं, बल्कि टूटा हुआ था. हालांकि फिल्ममेकर और एक्सपर्ट्स ने माना कि वह पेंगुइन करीब 70 किलोमीटर अकेले चलने के बाद अंटार्कटिका की बर्फ में कहीं मर गया.

Nihilist Penguin
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 26 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 12:56 PM IST
  • वायरल पेंगुइन को लेकर इंटरनेट पर रिएक्शंस की बाढ़
  • 19 साल पुरानी डॉक्यूमेंट्री से निकला वीडियो

अगर आप रील्स स्क्रॉल करते हैं, तो तय है कि आपकी फीड में भी बर्फीली अंटार्कटिका में चलता हुआ वो अकेला पेंगुइन जरूर आया होगा. बिना कुछ कहे, बिना किसी जल्दबाजी के ये पेंगुइन अकेला चला जा रहा है. उसके इस सफर की तस्वीरें और वीडियो इंटरनेट पर वायरल है. जिस तरह से वो पेंगुइन बर्फीली पहाड़ियो की तरफ जा रहा है, उस पर इंटरनेट यूजर्स तरह-तरह के रिएक्शंस दे रहे हैं. 

अकेला पेंगुइन और 'रोड नॉट टेकन' की कहानी
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में एक पेंगुइन अपनी पूरी कॉलोनी से अलग दिशा में चलता नजर आता है. दरअसल पेंगुइन अक्सर अपनी कॉलोनी यानी की झुंड के साथ ही रहते हैं. शायद ही किसी ने कभी कोई ऐसा पेंगुइन देखा हो जो अकेला हो. वायरल वीडियो में जहां बाकी पेंगुइन समुद्र की ओर जाते हैं खाने, जीने के लिए वहीं यह अकेला पेंगुइन बर्फीले पहाड़ों की ओर बढ़ता रहता है.

इंटरनेट यूजर्स ने इसे रोड नॉट टेकन चुनने वाला साहसी पेंगुइन बता रहे हैं. कई लोगों ने लिखा कि यह पेंगुइन उन इंसानों से ज्यादा हिम्मत वाला है, जो 9से 5 की नौकरी और रोजमर्रा की जिंदगी में फंसे हुए हैं.

19 साल पुरानी डॉक्यूमेंट्री से निकला वीडियो
यह वीडियो कोई नया नहीं है. यह 2007 में आई जर्मन फिल्ममेकर वर्नर हर्ज़ोग की डॉक्यूमेंट्री Encounters at the End of the World का हिस्सा है. इसमें एक एडेली पेंगुइन को अपनी कॉलोनी छोड़ते हुए दिखाया गया था. हर्जोग ने इस व्यवहार को 'डेथ मार्च' कहा था, क्योंकि समुद्र से दूर बर्फीले पहाड़ों की ओर जाना पेंगुइन के लिए लगभग मौत को न्योता देना था. अगर उसे जबरदस्ती वापस भी ले जाया जाता, तो वह फिर से उसी दिशा में चल पड़ता.

क्या दिल टूटने से निकला था पेंगुइन?
डॉक्यूमेंट्री में इकोलॉजिस्ट डॉ. डेविड ऐनली ने बताया कि यह असामान्य व्यवहार था और इसके पीछे कोई वजह नहीं थी. हालांकि सोशल मीडिया पर लोगों ने अपनी-अपनी थ्योरी बना ली है.

कई यूजर्स का मानना है कि पेंगुइन अपने साथी की मौत के बाद डिप्रेशन में था. इसलिए वह खोया हुआ नहीं, बल्कि टूटा हुआ था. हालांकि फिल्ममेकर और एक्सपर्ट्स ने माना कि वह पेंगुइन करीब 70 किलोमीटर अकेले चलने के बाद अंटार्कटिका की बर्फ में कहीं मर गया.

जनवरी 2026 में क्यों अचानक वायरल हुआ 'निहिलिस्ट पेंगुइन'
जनवरी 2026 में इस क्लिप ने अचानक सोशल मीडिया पर आग लगा दी. TikTok, X और Instagram पर इसके एडिट्स और मीम्स वायरल हो गए. लोग मीम्स शेयर करने लगे.

इंसानों ने पेंगुइन में खुद को देखा
इस मीम की लोकप्रियता की वजह यह है कि लोग अपनी थकान, बर्नआउट और अकेलेपन को इस पेंगुइन से जोड़ने लगे. यही वजह है कि सोशल मीडिया पर लोग एक-दूसरे से कह रहे हैं बी द पेंगुइन. यानी उसकी तरह बनो.

ट्रंप ने भी इस पेंगुइन की तस्वीर शेयर की
इस वायरल ट्रेंड में उस वक्त नया मोड़ आया जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पेंगुइन की AI-जनरेटेड तस्वीर शेयर कर दी. इसे ग्रीनलैंड को लेकर उनके बयानों से जोड़ा गया, जिससे मीम और ज्यादा वायरल हो गया. इसका इस्तेमाल लोग अकेलेपन, निराशा या जिंदगी की बेतुकी बातों को दिखाने के लिए कर रहे हैं.

 

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